कोलकाता: भाजपा नेता दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस पर एक के बाद एक कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने तृणमूल भवन विवाद, सेवाश्रय मामले, 21 जुलाई के शहीद दिवस, अपरूपा पोद्दार के पति को मिली जमानत और यहां तक कि अर्जेंटीना की फुटबॉल टीम की तुलना भी तृणमूल से करते हुए राज्य सरकार और सत्तारूढ़ दल पर तीखा हमला बोला।
तृणमूल भवन विवाद पर क्या बोले दिलीप घोष?
दिलीप घोष ने कहा कि वर्ष 2021 के बाद भाजपा के कई पार्टी कार्यालयों पर तृणमूल कांग्रेस ने ताले लगाए थे और अब वही तरीका अपनी ही पार्टी के कार्यालयों में अपनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल भवन का पंजीकरण बॉबी हाकिम के नाम पर है, जबकि भवन मालिक का दावा है कि उन्हें बिना बताए ऋतब्रत और तृणमूल समर्थकों ने ताला तोड़ दिया।
जबरन कब्जे और दबंगई का आरोप
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि पहले तृणमूल के लोग बमबाजी करते थे, जिससे आम लोगों की जान जाती थी और आज भी उनकी कार्यशैली नहीं बदली है। उन्होंने कहा कि मकान मालिक को यह तय करने का अधिकार है कि वह अपनी संपत्ति किसे देंगे, लेकिन उनकी इच्छा का सम्मान नहीं किया जा रहा और जबरन कब्जा तथा दबंगई की जा रही है।
सेवाश्रय मामले में 'डायमंड हार्बर मॉडल' पर हमला
दिलीप घोष ने सेवाश्रय मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही तथाकथित "डायमंड हार्बर मॉडल" है, जहां हर तरह के कथित गलत कामों का एक ही तरीका अपनाया जाता है।
21 जुलाई को लेकर ममता बनर्जी पर सवाल
दिलीप घोष ने कहा कि 21 जुलाई का आंदोलन मूल रूप से कांग्रेस का आंदोलन था, जिसमें युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की जान गई थी। उस समय ममता बनर्जी कांग्रेस की नेता थीं, इसलिए उन्हें यह स्वीकार करना चाहिए कि उन्होंने वह आंदोलन कांग्रेस के बैनर तले किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में तृणमूल बनने के बाद इस आंदोलन को अपने नाम पर कर लिया गया।
अपरूपा पोद्दार के पति की जमानत पर टिप्पणी
अपरूपा पोद्दार के पति को मिली जमानत पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि पहले पुलिस केवल औपचारिक कार्रवाई करती थी और कमजोर मामले दर्ज किए जाते थे। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ बिना कारण भी गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जाते थे। उन्होंने कहा कि अब इस परंपरा को बदलने की जरूरत है।
अर्जेंटीना की तुलना तृणमूल से
फुटबॉल मैच का जिक्र करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि अर्जेंटीना की स्थिति अब तृणमूल जैसी हो गई है। सभी को लगता था कि अर्जेंटीना बेहद मजबूत टीम है, लेकिन एक अपेक्षाकृत कमजोर टीम ने उसे कड़ी चुनौती दे दी।
बाबुल सुप्रियो पर भी किया कटाक्ष
तृणमूल और अर्जेंटीना के नीले-सफेद रंग का जिक्र करते हुए दिलीप घोष ने बाबुल सुप्रियो पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि बाबुल सुप्रियो ने कभी "नील-सफेद रंग मिटा दो" गीत गाया था और आज का मैच देखने के बाद वह उन्हें ढूंढ़ रहे हैं।