कोलकाता: राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नबान्न सभाघर से राज्य के सभी थानों में साइबर क्राइम हेल्प डेस्क, महिला हेल्प डेस्क तथा प्रत्येक पुलिस महकमे में 'दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड' का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि महालया से पूरे राज्य में 112 इमरजेंसी कॉल सेवा शुरू होगी। सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी थाना क्षेत्र में 112 पर सूचना मिलते ही पुलिस पांच मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचे।
क्या है 'दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड'?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सभी जिलों और पुलिस आयुक्तालयों में 'दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड' की शुरुआत करते हुए कहा कि यह विशेष टीम सार्वजनिक स्थानों, स्कूल-कॉलेजों और संवेदनशील इलाकों में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। साथ ही महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई भी करेगी।
एक साल में पांच मिनट रिस्पांस टाइम का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि वर्तमान में गुजरात, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में पुलिस औसतन छह मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच जाती है, जबकि पश्चिम बंगाल में औसत प्रतिक्रिया समय करीब तीन घंटे है। सरकार अगले एक वर्ष के भीतर इस समय को घटाकर पांच मिनट करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बजट में 112 सेवा के लिए प्रत्येक थाने को एक-एक वाहन उपलब्ध कराया गया है और अगले बजट में वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
500 थानों में महिला हेल्प डेस्क की शुरुआत
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के 500 थानों में महिला हेल्प डेस्क का शुभारंभ करते हुए कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पॉक्सो अधिनियम, अभया कांड और आरजी कर जैसी घटनाओं से सीख लेते हुए सरकार महिला सुरक्षा के मामले में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाएगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी शिकायत को दबाने के बजाय तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
हर थाने में साइबर क्राइम हेल्प डेस्क
बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य के सभी थानों में साइबर क्राइम हेल्प डेस्क भी शुरू की गई है। इसका उद्देश्य ऑनलाइन ठगी, साइबर फ्रॉड और अन्य डिजिटल अपराधों से जुड़े मामलों में लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना और शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करना है।
पुलिस के काम में नहीं होगा राजनीतिक हस्तक्षेप
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि थानों के बुनियादी ढांचे और संसाधनों को मजबूत कर पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस को दिल्ली पुलिस तथा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तर्ज पर आधुनिक और अनुशासित बनाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस के कार्य में किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होगा और कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।