कोलकाता: दुर्गापूजा की रीति-रिवाजों को लेकर कार्तिक महाराज ने बड़ा बयान दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री का नाम लिए बिना उन्होंने पूजा की पुरानी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब दुर्गापूजा शास्त्रों के नियमों के अनुसार ही आयोजित की जाएगी।
पितृपक्ष में पूजा शुरू करने की परंपरा पर रोक
कार्तिक महाराज के मुताबिक, पितृपक्ष के दौरान दुर्गापूजा शुरू करने की जो परंपरा अब तक देखने को मिलती थी, इस बार उसे नहीं अपनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पारंपरिक और शास्त्रीय नियमों का पालन करते हुए दुर्गापूजा आयोजित करने की पहल की जा रही है।
थीम पूजा पर भी उठाए सवाल
थीम पूजा को लेकर भी कार्तिक महाराज ने निशाना साधा। उनका आरोप है कि अतीत में कई मौकों पर पूजा के दौरान शास्त्रीय नियमों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि कई जगह ठीक से भोग नहीं लगाया गया और यहां तक कि बासी लुची परोसने जैसी घटनाएं भी सामने आईं।
‘अब बदलेगी स्थिति’, कार्तिक महाराज का दावा
कार्तिक महाराज ने तंज कसते हुए कहा कि अब तक अहंकार के चलते मनमाने तरीके से फैसले लिए गए और जैसा चाहा, वैसा ही किया गया। उन्होंने दावा किया कि अब इस व्यवस्था में बदलाव होगा और दुर्गापूजा शास्त्रों में बताए गए नियमों के अनुसार ही आयोजित की जाएगी।