पूर्वी बर्धमान: पूर्वी बर्धमान जिले के कटवा मे तृणमूल कांग्रेस के एक स्थानीय नेता पर स्वयं सहायता समूहो के लिए सरकारी योजनाओ के तहत दी गई मुर्गियां, सिलाई मशीने और अन्य सामग्री अपने घर में छिपाकर रखने का गंभीर आरोप लगा है। मामले के सामने आते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और प्रदर्शनकारियों ने आरोपी नेता पर अंडे फेंककर विरोध जताया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत मे लेकर जांच शुरू कर दी है।
तृणमूल नेता के घर से बरामद हुईं 25 से अधिक मुर्गियां
यह घटना कटवा ब्लॉक-1 के गोवा ग्राम पंचायत अंतर्गत बद्रा गांव की है। आरोप है कि स्थानीय तृणमूल नेता बिश्वजीत दास और उनकी पत्नी रेखा दास, जो आनंदधारा परियोजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी थीं, ने समूहो को वितरण के लिए दी गई सरकारी मुर्गियों को अपने घर की छत पर छिपाकर रखा था। छापेमारी के दौरान 25 से अधिक मुर्गियां बरामद की गईं।
सिलाई मशीने, अलमारी और सरकारी दस्तावेज भी मिले
ग्रामीणो के आरोप के आधार पर की गई तलाशी मे कई सिलाई मशीनें, अलमारियां और सरकारी दस्तावेजो व फाइलो से भरे बैग भी बरामद हुए। आरोप है कि कुछ सिलाई मशीनों को खोलकर बेचने की तैयारी की जा रही थी। इसके अलावा एक लैपटॉप भी घर से मिला है, जिसे जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने का भी आरोप
बिश्वजीत दास पर पहले भी स्थानीय महिलाओ से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने के आरोप लग चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से वह लोगों को नौकरी का झांसा देकर रकम वसूलता था। एक स्थानीय महिला ने आरोप लगाया कि उसने बच्चों को पढ़ाने की सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उससे 20 हजार रुपये लिए थे, लेकिन न नौकरी मिली और न ही पैसे वापस किए गए।
ग्रामीणो का प्रदर्शन, पुलिस और केंद्रीय बल मौके पर पहुंचे
जैसे ही गांव वालो को सरकारी सहायता सामग्री घर मे छिपाकर रखने की जानकारी मिली, बड़ी संख्या मे लोग वहां जुट गए। प्रदर्शनकारियो ने आरोपी नेता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उस पर अंडे फेंके। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कटवा थाने की पुलिस और केंद्रीय बल को मौके पर पहुंचना पड़ा।
आरोपी गिरफ्तार, पत्नी फरार
हंगामे के बीच पुलिस ने बिश्वजीत दास को गिरफ्तार कर थाने ले गई। हालांकि घटना के समय उनकी पत्नी रेखा दास घर पर मौजूद नहीं थीं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और बरामद सामग्री की सूची तैयार की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सरकारी योजनाओ की अन्य सामग्री का भी दुरुपयोग हुआ है या नही।