कोलकाता: कोलकाता की पहचान मानी जाने वाली ऐतिहासिक ट्राम सेवा को एक बार फिर नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है। पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने ट्राम सेवा के पुनर्जीवन और आधुनिकीकरण की दिशा में कदम बढ़ाने का संकेत दिया है। परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार ट्राम को बंद करने के बजाय उसे आधुनिक सुविधाओं से लैस कर नए स्वरूप में जनता के सामने लाना चाहती है।
ऑस्ट्रेलिया मॉडल पर आधुनिक ट्राम की तैयारी
परिवहन विभाग के सूत्रों के अनुसार, सरकार ऑस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों में चल रही हल्की और आधुनिक ट्राम प्रणालियों का अध्ययन कर रही है। पुराने और जर्जर हो चुके ट्राम डिब्बों की मरम्मत पर भारी खर्च होने की संभावना को देखते हुए विदेशों से नई ट्राम खरीदने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में कुछ अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की ओर से प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं।
ट्राम को हटाने का सवाल नहीं: अर्जुन सिंह
परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने स्पष्ट किया कि ट्राम को हटाने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि कोलकाता की इस ऐतिहासिक धरोहर को आधुनिक तकनीक और सुविधाओं के साथ फिर से जीवंत बनाया जाएगा। मंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार की उदासीनता के कारण कई ट्राम डिपो में ही खराब होकर बेकार हो चुकी हैं, जिन्हें अब दोबारा सड़क पर लाना व्यावहारिक नहीं है।
नए रूटों पर भी होगा सर्वे
वर्तमान में कोलकाता में ट्राम सेवा केवल दो मार्गों- एस्प्लेनेड-श्यामबाजार और एस्प्लेनेड-गरियाहाट- पर संचालित हो रही है। सरकार अब यह जांचने के लिए सर्वे कराने जा रही है कि किन अन्य मार्गों पर ट्राम सेवा दोबारा शुरू की जा सकती है। परिवहन विभाग का मानना है कि शहर में पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन के रूप में ट्राम की भूमिका फिर से बढ़ाई जा सकती है।
धर्मतला-खिदिरपुर रूट पर लौट सकती है ट्राम
सूत्रों के मुताबिक, एस्प्लेनेड (धर्मतला) से खिदिरपुर तक ट्राम सेवा बहाल करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। यह उन प्रमुख मार्गों में शामिल है जहां नई सरकार ट्राम को फिर से पटरी पर लाने की योजना बना रही है। यदि यह योजना सफल होती है तो कोलकाता के नागरिकों को एक बार फिर शहर की ऐतिहासिक ट्राम यात्रा का अनुभव मिल सकेगा।
विरासत और आधुनिकता का संगम
करीब 153 वर्ष पुरानी कोलकाता ट्राम केवल एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का हिस्सा है। नई सरकार की योजना सफल होने पर ट्राम सेवा न केवल अपनी खोई हुई चमक वापस पा सकती है, बल्कि आधुनिक सुविधाओं के साथ कोलकाता के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को भी नई मजबूती मिल सकती है।