कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की संस्थापिका ममता बनर्जी ने शुक्रवार (28 अगस्त 2026) को कोलकाता के कैथेड्रल रोड पर आयोजित तृणमूल छात्र परिषद (TMCP) के स्थापना दिवस और रक्षाबंधन समारोह में बीजेपी तथा राज्य पुलिस प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पुलिस की मौजूदा कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन बीजेपी के दबाव में काम कर रहा है। साथ ही उन्होंने छात्रों और युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखने का आह्वान किया।
पुलिस की कार्रवाई पर ममता का हमला
ममता बनर्जी ने अपने भाषण में हाल की पुलिस कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि एक मस्जिद से नमाज पढ़कर निकल रहे तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वह मौजूदा पुलिस की कार्यशैली को पहचान नहीं पा रही हैं। उनके मुताबिक, पहले पुलिस लोगों की मदद करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जानी जाती थी। 9 कैमाक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय से इलेक्ट्रॉनिक बिलबोर्ड हटाने की कार्रवाई का मुद्दा भी उन्होंने उठाया। उन्होंने सवाल किया कि पुलिस और KMC की टीम गैस कटर लेकर कार्यालय परिसर में क्यों पहुंची और कार्रवाई से पहले उचित नोटिस क्यों नहीं दिया गया। ममता ने यह भी कहा कि अगर प्रशासन कार्यक्रमों की अनुमति देने में लगातार अड़चन पैदा करता है, तो तृणमूल कांग्रेस जनता के बीच जाकर लोकतांत्रिक आंदोलन करेगी।
बीजेपी और केंद्र सरकार पर तीखे आरोप
महंगाई का मुद्दा उठाते हुए ममता बनर्जी ने रोजमर्रा की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने जीरा, आलू और प्याज जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों का उल्लेख करते हुए सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने बीजेपी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए पार्टी को ‘हाई-वोल्टेज वायरस’ तक बताया। ममता के मुताबिक, बीजेपी जहां भी सत्ता में जाती है, वहां राजनीतिक और सामाजिक नुकसान होता है। तृणमूल कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी की कानूनी लड़ाई जारी है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी अदालत में इन मामलों को उठा रहे हैं और जरूरत पड़ने पर इस लड़ाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की बात भी कही।
छात्रों और युवाओं को दिया संघर्ष का संदेश
TMCP स्थापना दिवस के मंच से ममता बनर्जी ने छात्र और युवा कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी राजनीति की शुरुआत भी छात्र आंदोलन से हुई थी। उन्होंने युवाओं से राजनीतिक दबाव से नहीं डरने की अपील की। ममता ने कहा कि आंदोलन के दौरान जेल जाने की स्थिति आए तो भी कार्यकर्ताओं को पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
रक्षाबंधन के जरिए एकता का संदेश
भाषण के अंत में ममता बनर्जी ने रक्षाबंधन को सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का प्रतीक बताया। उन्होंने हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत सभी समुदायों के बीच एकता और शांति बनाए रखने की अपील की। TMCP के स्थापना दिवस पर दिए गए ममता बनर्जी के भाषण में जहां बीजेपी और पुलिस प्रशासन पर तीखे राजनीतिक हमले देखने को मिले, वहीं उन्होंने छात्र-युवा कार्यकर्ताओं को आगामी राजनीतिक संघर्ष के लिए तैयार रहने का संदेश भी दिया।