कोलकाता: कोलकाता के राजरहाट के जगारडांगा इलाके में पार्टी कार्यालय को लेकर बीजेपी और सीपीआईएम के बीच विवाद गहराता जा रहा है। रविवार को नारायणपुर थाने के बाहर इस मुद्दे को लेकर काफी तनाव देखने को मिला। इसी दौरान राजरहाट-न्यूटाउन के विधायक पीयूष कनोरिया पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाते नजर आए। विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बीजेपी के पार्टी कार्यालय पर ताला लगाकर उसे सीपीआईएम के हवाले कर दिया।
सीपीआईएम ने बताया अपना पार्टी कार्यालय
विवाद के बाद बुधवार शाम सीपीआईएम नेता सप्तर्षि देव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने दावा किया कि जिस कार्यालय को लेकर विवाद हुआ, वह मूल रूप से सीपीआईएम का पार्टी कार्यालय था। सप्तर्षि देव के मुताबिक, 2015 के बाद तृणमूल कांग्रेस ने कथित तौर पर इस कार्यालय पर कब्जा कर लिया था।
सत्ता परिवर्तन के बाद फिर कब्जे का दावा
सीपीआईएम नेता ने कहा कि इस साल राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद पार्टी ने दोबारा कार्यालय पर अपना कब्जा लिया। हालांकि, उनके मुताबिक कुछ समय बाद बीजेपी ने कथित तौर पर कार्यालय पर कब्जा कर उसे भगवा रंग में रंग दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सप्तर्षि देव ने कार्यालय से जुड़े कई दस्तावेज भी पत्रकारों के सामने रखे।
पुलिस कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट जाएगी पार्टी
सप्तर्षि देव ने दावा किया कि पेश किए गए दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से उक्त स्थान को सीपीआईएम के पार्टी कार्यालय के तौर पर दर्ज किया गया है। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी नारायणपुर थाने को देने की बात कही। सीपीआईएम नेता ने साफ किया कि यदि पुलिस मामले में उचित कार्रवाई नहीं करती है, तो पार्टी अदालत का रुख करेगी।