कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सियासत में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने कोलकाता के मेट्रोपॉलिटन बिल्डिंग स्थित तृणमूल भवन पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। लंबे समय से यह भवन तृणमूल कांग्रेस का मुख्यालय रहा है। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के भीतर चल रहा नेतृत्व विवाद और अधिक गहरा गया है।
वरिष्ठ नेताओं के साथ पहुंचे ऋतब्रत बनर्जी
ऋतब्रत बनर्जी के साथ वरिष्ठ नेता फिरहाद हाकिम, संदीपन साहा, जावेद खान, अखरुज्जमान और कई विधायक भी तृणमूल भवन पहुंचे। सभी नेताओं ने कार्यालय में प्रवेश करने के बाद घोषणा की कि अब यही गुट तृणमूल भवन से अपने संगठनात्मक और राजनीतिक कार्यों का संचालन करेगा।
नेतृत्व संघर्ष ने पकड़ा नया मोड़
तृणमूल भवन पर नियंत्रण की इस कार्रवाई को पार्टी के भीतर जारी नेतृत्व संघर्ष का अहम पड़ाव माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम से तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक राजनीति में नई हलचल पैदा हो सकती है। हालांकि, इस मामले पर पार्टी के दूसरे गुट की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।