कोलकाता: पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने राज्य के आर्थिक विकास, निवेश, शिक्षा और रोजगार को लेकर बड़ा विजन पेश किया। उन्होंने कहा कि एक समय बंगाल देश के उद्योग, व्यापार और शिक्षा का प्रमुख केंद्र था, लेकिन पिछले कई दशकों में राज्य आर्थिक रूप से पिछड़ गया। उनका दावा है कि सही नीतियों और उद्योगों के सहयोग से पश्चिम बंगाल एक बार फिर देश का सबसे विकसित राज्य बन सकता है।
बंगाल की अर्थव्यवस्था पर जताई चिंता
सुकांत मजूमदार ने कहा कि वर्ष 1961 में देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में पश्चिम बंगाल का योगदान 10.5 प्रतिशत था, जो अब घटकर 5.6 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कभी राज्य की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत का 127.5 प्रतिशत थी, जो अब घटकर 83.5 प्रतिशत पर पहुंच गई है। उन्होंने इस आर्थिक गिरावट के लिए अतीत की राजनीतिक परिस्थितियों को जिम्मेदार ठहराया।
निवेश और उद्योगों को दिया भरोसा
उन्होंने उद्योग जगत से पश्चिम बंगाल में निवेश करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य में निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निवेश के रास्ते में आने वाली प्रशासनिक बाधाओं को दूर किया जाएगा, ताकि उद्योगों का विस्तार हो और रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
50 हजार नियुक्तियों का वादा
सुकांत मजूमदार ने कहा कि सरकार बनने पर 50 हजार शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होगी और किसी भी अभ्यर्थी को रिश्वत देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सभी नियुक्तियां केवल योग्यता और मेरिट के आधार पर होंगी।
शिक्षा और कौशल विकास पर जोर
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। उनके अनुसार, केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार के लिए कौशल आधारित शिक्षा भी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बंगाल में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उसे सही दिशा देने की है।
रेलवे और बुनियादी ढांचे पर भी किया दावा
सुकांत मजूमदार ने कहा कि रेल बजट में पश्चिम बंगाल के लिए ₹13,205 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य के 102 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जाएगा और नई पीढ़ी की ट्रेनों का संचालन भी शुरू किया जाएगा।
विकास का दिया संदेश
अपने संबोधन के अंत में सुकांत मजूमदार ने कहा, "बंगाल तैयार है, अब उद्योगों के सहयोग से विकास की नई उड़ान शुरू होगी।" उन्होंने ओडिशा और असम के विकास मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल भी तेज विकास की राह पर आगे बढ़ सकता है।