कोलकाता: टीएमसी के शिक्षक संगठन से जुड़े मैदुल इस्लाम पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। वे पश्चिम बंगाल में 2021 के शिशु शिक्षा केंद्र (एसएसके) शिक्षक आंदोलन में भी अहम भूमिका निभा चुके हैं। उन्हें दक्षिण 24 परगना जिले के हाटुगंज इलाके से उस समय पकड़ा गया जब वह कथित तौर पर भागने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
2022 आत्महत्या मामला
यह पूरा मामला दक्षिण 24 परगना के बोलसिद्धि कालीनगर ग्राम पंचायत के तत्कालीन उप-प्रमुख देबब्रत भट्टाचार्य की 2022 में हुई संदिग्ध मौत से जुड़ा है। मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया था कि मैदुल इस्लाम की वजह से ऐसी परिस्थितियां बनीं, जिसके चलते उनके पति ने आत्महत्या कर ली।
सुसाइड नोट से खुला मामला
जांच के दौरान पुलिस को देबब्रत भट्टाचार्य के घर से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें मैदुल इस्लाम का नाम दर्ज था। इसी आधार पर जांच आगे बढ़ी और एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
गिरफ्तारी और जांच
अधिकारियों के अनुसार, उपलब्ध सबूतों और जांच की प्रगति के बाद यह कार्रवाई की गई। पुलिस अब पूरे मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है ताकि घटना की सटीक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
आरोपों से इनकार
हिरासत में लिए जाने के दौरान मैदुल इस्लाम ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे अभिषेक बनर्जी के साथ जुड़े हुए हैं और उनके साथ सोनारपुर गए थे, जहां पहले एक कार्यक्रम के दौरान पथराव और अंडे फेंके जाने की घटना हुई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2022 की घटना के समय वे मौके पर मौजूद नहीं थे।