कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में रविवार का दिन 'हाई-वोल्टेज ड्रामे' से भरा रहा। एक तरफ दिल्ली में टीएमसी के बागी सांसद एकजुट हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ कोलकाता में रिश्तों की डोर पूरी तरह टूटती नजर आ रही है। टीएमसी की वरिष्ठ सांसद और बागी गुट की नेता काकली घोष दस्तिदार के बेटे डॉ. वैद्यनाथ घोष दस्तिदार ने सोशल मीडिया पर ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
"गर्व है तुम पर"... बेटे के फैसले के साथ खड़ी हुईं काकली
डॉ. वैद्यनाथ ने घोषणा की है कि वह ममता बनर्जी द्वारा पिछले 4-5 वर्षों में दुर्गा पूजा के दौरान दिए गए कपड़े और उनकी पत्नी को शादी में उपहार स्वरूप दिया गया सोने का हार वापस लौटा देंगे। उन्होंने लिखा, "मैं व्यक्तिगत कारणों से ये उपहार लौटाना उचित समझ रहा हूं।"सांसद काकली घोष दस्तिदार ने अपने बेटे की पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा— "तुम्हें और तुम्हारी पत्नी पर मुझे गर्व है।"
"ब्याज चाहिए तो वो भी दे दूंगा"
वैद्यनाथ ने मीडिया से बात करते हुए बेहद सख्त लहजे में कहा: "ममता बनर्जी ने मेरी पत्नी को शादी में सोने का हार दिया था और मुझे हर साल कुर्ता-पाजामा देती थीं। मैं कालीघाट स्थित उनके घर जाकर ये सब लौटा आऊंगा। अगर उन्हें दो साल तक हार हमारे पास रहने का ब्याज चाहिए, तो मैं वह भी दे दूंगा। अब उनके जैसे व्यक्ति से मुझे कुछ नहीं चाहिए।"
ममता बनर्जी और महुआ मोइत्रा को लीगल नोटिस
उपहार लौटाने के साथ ही वैद्यनाथ ने कानूनी कार्रवाई का मन बना लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिना नाम लिए उनके परिवार का अपमान किया था। ममता ने कहा था कि एक सांसद इसलिए दल बदल रही हैं क्योंकि उनके बेटे को टिकट नहीं मिला और उन्होंने बीजेपी से हाथ मिला लिया है। वैद्यनाथ का कहना है कि इसके बाद सौगत रॉय और महुआ मोइत्रा ने भी उनके परिवार के खिलाफ बयानबाजी की। उन्होंने कहा:
सोमवार को मेरा वकील ममता बनर्जी समेत तीन सांसदों को कानूनी नोटिस भेजेगा।
उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी और बयान वापस लेना होगा।
अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हम हाई कोर्ट में मामला दर्ज कराएंगे।
TMC के 22 बागी सांसद दिल्ली में, कल बड़ी हलचल
पार्टी के भीतर विद्रोह अब पूरी तरह से सतह पर आ चुका है। काकली घोष दस्तिदार के नेतृत्व में अब तक 22 सांसद बागी खेमे में जुड़ चुके हैं। ये सभी सांसद इस समय दिल्ली में हैं और सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं। बागी गुट का इरादा संसद में एक अलग ब्लॉक बनाकर NDA को समर्थन देने का है, जो ममता बनर्जी की सरकार और पार्टी के लिए अब तक का सबसे बड़ा संवैधानिक संकट बन सकता है।