नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त झेलने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत की आग सुलग उठी है। टीएमसी के संसदीय दल में दरार अब पूरी तरह से चौड़ी हो चुकी है। पार्टी के कई 'बेसुरे' सांसद दिल्ली में एक गुप्त और बेहद महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। इस बगावती सुरों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा जादवपुर लोकसभा क्षेत्र की टीएमसी सांसद सायोनी घोष की हो रही है, जो रविवार सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर पत्रकारों के तीखे सवालों से बचती नजर आईं।
'चाड्डा-चाड्डी' वाले पुराने बयान पर घिरीं सायोनी
चुनाव से पहले एक मीडिया इंटरव्यू में सायोनी घोष ने आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ भाजपा में शामिल हुए राघव चड्ढा पर तंज कसते हुए बड़े ही आक्रामक अंदाज में कहा था— “मेरा नाम सायोनी घोष है, मैं चाड्डा नहीं हूं जो चाड्डी हो जाऊंगी।” उनका इशारा साफ तौर पर दल-बदल करने वालों की तरफ था।
लेकिन, चुनाव में टीएमसी की भारी शिकस्त के बाद सायोनी के सुर खुद बदल चुके हैं और वह ममता बनर्जी के खिलाफ बगावती रुख अख्तियार करने वाले सांसदों के खेमे में शामिल हो गई हैं। रविवार सुबह जब वह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचीं, तो पत्रकारों ने उन्हें उनका यही पुराना बयान याद दिलाया और 'विश्वासघात' को लेकर सवाल दागे। हालांकि, सायोनी ने इन सवालों से पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया और कहा:"इस विषय पर मैं आप लोगों (मीडिया) को कोई जवाब नहीं दूंगी। मैं केवल अपने क्षेत्र के मतदाताओं को ही जवाबदेह हूं, और किसी को नहीं।"
लुक में बदलाव और 'लेटर बम' से मची खलबली
राजनीतिक गलियारों में सायोनी घोष के बदले तेवरों के साथ-साथ उनके बदले हुए 'लुक' को लेकर भी खूब चर्चा हो रही है। हमेशा सफेद साड़ी और लंबे बालों में दिखने वालीं सायोनी अचानक कैमरे के सामने जींस और टॉप में नजर आईं।यह चर्चा तब और तेज हो गई जब टीएमसी सांसद काकली घोष दस्तिदार के नेतृत्व में 19 बागी सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक पत्र सामने आया, जिसमें सायोनी घोष के भी दस्तखत थे।
सुदीप बनर्जी संभाल सकते हैं कमान, संख्या बढ़कर हुई 22
इस बगावत ने तब और गंभीर मोड़ ले लिया जब ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले वरिष्ठ सांसद सुदीप बनर्जी भी इस बागी गुट में शामिल हो गए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अब काकली घोष दस्तिदार की जगह सुदीप बनर्जी इस बागी ब्लॉक का नेतृत्व कर सकते हैं।शुरुआत में बागी सांसदों की संख्या 19 थी, जो सुदीप बनर्जी के आने से 20 हुई। वहीं, रविवार को काकली घोष दस्तिदार ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि यह संख्या 20 नहीं, बल्कि बढ़कर 22 हो चुकी है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिल सकता है बागी गुट
सूत्रों के मुताबिक, टीएमसी के ये बागी सांसद लोकसभा में अपना एक अलग ब्लॉक (गुट) बनाने की तैयारी में हैं। यह गुट केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) गठबंधन को समर्थन देने के लिए आवेदन कर सकता है। दिल्ली में आज होने वाली अहम बैठक के बाद, यह बागी दल सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर अपना आधिकारिक प्रस्ताव सौंप सकता है।
पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद टीएमसी के भीतर मची यह हलचल ममता बनर्जी के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका मानी जा रही है।