कोलकाता - कोलकाता में आयोजित पश्चिम बंगाल विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायकों के ओरिएंटेशन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विधानसभा के डिजिटलीकरण और संसदीय परंपराओं को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नए विधायकों के लिए इस तरह का परिचय कार्यक्रम बेहद आवश्यक है, ताकि वे सदन की कार्यप्रणाली और संसदीय प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
विधानसभा की ऐतिहासिक विरासत का सम्मान
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा की एक समृद्ध और ऐतिहासिक विरासत रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सदन में भविष्य में उच्च स्तर की बहस और सार्थक चर्चाएं होंगी, जिससे राज्य के हित में प्रभावी और जनकल्याणकारी कानून बनाए जा सकेंगे। इस दौरान उन्होंने आगे यह भी कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि विधानसभा में होने वाली चर्चाएं जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली हों।
नए विधायकों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम जरूरी
भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता रिजिजू ने आगे बताया कि हाल ही में बड़ी संख्या में नए विधायक विधानसभा पहुंचे हैं। ऐसे में उन्हें संसदीय परंपराओं, नियमों और सदन की कार्यप्रणाली से परिचित कराने के उद्देश्य से यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पहल नए जनप्रतिनिधियों के लिए भविष्य में बेहतर विधायी कार्य करने में काफी मददगार साबित होगी।
'वन नेशन, वन एप्लीकेशन' के तहत होगी डिजिटल विधानसभा
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि संसदीय कार्य मंत्रालय की 'वन नेशन, वन एप्लीकेशन' (नेशनल ई-विधान) पहल के तहत पश्चिम बंगाल विधानसभा को पूरी तरह डिजिटल बनाया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार आवश्यक 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए केंद्र और पश्चिम बंगाल विधानसभा के बीच पहले ही समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।
एक क्लिक में मिलेगी पूरी जानकारी
रिजिजू ने कहा कि डिजिटलीकरण के बाद विधायकों को सदन से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी एक ही क्लिक पर उपलब्ध होगी। इससे दस्तावेज़ों की खोज, विधायी कार्य और सदन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज़ और तकनीक आधारित बन सकेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा आधुनिक तकनीक से लैस एक पूर्ण डिजिटल विधानसभा के रूप में विकसित होगी, जिससे विधायकों के साथ-साथ जनता को भी बेहतर और अधिक प्रभावी विधायी व्यवस्था का लाभ मिलेगा।