कोलकाता: पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित विधायकों को संसदीय तौर-तरीकों, विधायी नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं से अच्छी तरह वाकिफ कराने के लिए कोलकाता में एक विशेष दो दिवसीय प्रशिक्षण (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम की शुरुआत हुई है लोकसभा सचिवालय के 'पार्लियामेंट्री रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी' (PRIDE - प्राइड) की पहल और पश्चिम बंगाल विधानसभा के सहयोग से इस भव्य शिविर का आयोजन किया गया है
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला खुद गुरुवार को कोलकाता पहुंचे यह कार्यक्रम न्यू टाउन के विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर और विधानसभा भवन में आयोजित किया जा रहा है चूंकि इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा में जीतकर आए विधायकों की एक बड़ी संख्या पहली बार चुनकर आई है, इसलिए उन्हें सदन की कार्यप्रणाली में दक्ष बनाने के लिए यह विशेष कदम उठाया गया है
मंच पर जुटे देश और राज्य के दिग्गज
गुरुवार को आयोजित इस भव्य उद्घाटन समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, राज्य विधानसभा के अध्यक्ष रथेंद्रनाथ बसु, केंद्रीय संसदीय और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी उपस्थित रहे इसके अलावा, बंगाल के इन नए विधायकों को ट्रेनिंग देने के लिए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, ओडिशा और सिक्किम जैसी विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के अध्यक्ष भी आमंत्रित अतिथियों के रूप में शामिल हुए हैं
यह प्रशिक्षण शिविर शुक्रवार और शनिवार तक चलेगा, जिसमें विधायकों की विशेष 'क्लास' ली जाएगी शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि के समापन भाषण के साथ इस दो दिवसीय ज्ञानवर्धक सत्र का समापन होगा
डिजिटल होगी बंगाल विधानसभा 'ई-विधान' ऐप से एक क्लिक पर मिलेगी जानकारी
इस कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल के लिए एक और बड़ी और ऐतिहासिक घोषणा की गई केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने जानकारी दी कि अब पश्चिम बंगाल विधानसभा को 100 प्रतिशत डिजिटल किया जाएगा उन्होंने कहा, "इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से हर तरह की वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी। हमारे विभाग और राज्य के बीच इसके लिए पहले ही एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, और दिल्ली में इस MoU के दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी खुद उपस्थित थे।"
केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि 'ई-विधान, वन नेशन वन एप्लीकेशन' (E Vidhan, One Nation One Application) योजना को अब पश्चिम बंगाल की इस ऐतिहासिक विधानसभा में भी लागू किया जा रहा है इसके लागू होने के बाद, विधानसभा के सभी सदस्य (विधायक) केवल एक क्लिक के जरिए सदन से जुड़ी तमाम जानकारियां और दस्तावेज हासिल कर सकेंगे अब किसी भी विधायी जानकारी को ढूंढने के लिए विधायकों को परेशान नहीं होना पड़ेगा
लोकतांत्रिक परंपराओं को समझने में मिलेगी मदद
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नवनिर्वाचित विधायकों को विधायिका के तौर-तरीकों, लोकतांत्रिक परंपराओं और सदन की गरिमा से अवगत कराने के लिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी भूमिका निभाते हैं उम्मीद जताई जा रही है कि इस शिविर के बाद बंगाल विधानसभा के कामकाज में और अधिक गुणवत्ता तथा पारदर्शिता देखने को मिलेगी।