कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा अपने खून-पसीने से तैयार की गई तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर अब बागी गुट 'ऋतब्रत बनर्जी एंड कंपनी' का कब्जा बढ़ता जा रहा है। संसदीय दल के बाद अब इस 'असली' तृणमूल गुट ने पार्षदों और पूर्व पार्षदों को भी व्यावहारिक रूप से अपने पाले में खींचना शुरू कर दिया है। सोमवार को न्यूटाउन के नामी पांच सितारा होटल 'नोवोटेल' में ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में एक विशेष अधिवेशन (स्पेशल सेशन) का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए टीएमसी पार्षदों और विधायकों ने हिस्सा लिया।
बैनर से ममता-अभिषेक गायब, गांधी-रवींद्रनाथ को मिली जगह
होटल के बैंक्वेट हॉल में आयोजित इस विशेष सत्र का बैकड्रॉप और बैनर पूरी तरह बदला हुआ नजर आया, जो राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है। तृणमूल कांग्रेस के इस विशेष अधिवेशन के मंच से पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की तस्वीरें पूरी तरह गायब थीं। उनकी जगह बैकड्रॉप पर महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें लगाई गई थीं। हालांकि, बैनर पर तृणमूल कांग्रेस का आधिकारिक प्रतीक चिह्न (जोड़ा फूल) मौजूद था।
अरूप राय बने चेयरमैन; फिरहाद और अरूप विश्वास नई कमेटी में शामिल
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल बैठक में हावड़ा मध्य निर्वाचन क्षेत्र के विधायक अरूप राय को पार्टी का नया चेयरपर्सन (चेयरमैन) घोषित किया गया है। इसके अलावा, संगठन को चलाने के लिए 30 सदस्यों वाली एक नई कार्य समिति (कमेटी) का गठन किया गया है। इस नवगठित कमेटी में कोलकाता नगर निगम के पूर्व मेयर फिरहाद हाकिम, अरूप विश्वास, जावेद खान, सबीना यास्मिन और संदीपन साहा जैसे कद्दावर नेताओं को शामिल किया गया है। बैठक में कोलकाता के लगभग 50 पूर्व पार्षदों के अलावा तारक सिंह और जुई विश्वास जैसी जानी-मानी हस्तियां भी मौजूद थीं।
तीन जिलों के पार्षदों का मिला साथ, कानूनी तैयारी पूरी
पार्टी पर पूरी तरह से 'सोलह आना' कब्जा करने के लिए ऋतब्रत बनर्जी गुट ने पूरी कानूनी घेराबंदी कर ली है। बताया जा रहा है कि इस कदम को कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए पिछले हफ्ते ही दिल्ली से दो दिग्गज वकीलों को कोलकाता बुलाकर सलाह ली गई थी।
रविवार रात को ही बागी ब्लॉक के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) अखरुज्जमां ने सभी बागी विधायकों को व्हिप जारी कर सोमवार को बजट सत्र के बाद नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के कक्ष में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। वहां से सभी नेताओं को सीधे नोवोटेल होटल ले जाया गया। इस अधिवेशन में बीरभूम के काजल शेख, चंद्रनाथ सिन्हा, अभिजीत सिन्हा, आशीष बनर्जी समेत केशपुर की विधायक शियुली साहा और जांगीपाड़ा के पूर्व विधायक स्नेहाशीष चक्रवर्ती भी शामिल हुए। मुर्शिदाबाद, बहरामपुर, दमदम और उत्तरपाड़ा जैसे कई नगर निकायों के बोर्ड भंग होने के कारण वहां के पार्षद और पूर्व पार्षद भी भारी संख्या में इस खेमे से जुड़ गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विशेष प्रस्ताव के जरिए ऋतब्रत बनर्जी गुट अब खुद को ही 'असली तृणमूल' बताने का कानूनी और राजनीतिक दावा ठोकने जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति और हिंसक व कानूनी दांवपेच की गवाह बन सकती है।