कोलकाता: पश्चिम बंगाल में पर्यटन को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए राज्य के पर्यटन विभाग ने क्षेत्र के हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत आगामी 90 दिनों की विस्तृत कार्ययोजना और एक वर्षीय पर्यटन विकास रोडमैप तैयार किया जाएगा। इस संबंध में विभाग और विभिन्न पर्यटन संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच पहली बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य बंगाल को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिलाना है।
अगले तीन वर्षों में पर्यटकों की संख्या तीन गुना करने का लक्ष्य
पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने कहा कि सरकार उद्योग जगत के साथ मिलकर व्यावहारिक और ज़मीनी जरूरतों के अनुरूप रणनीति तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि नई भाजपा सरकार ने अगले तीन वर्षों में राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या को तीन गुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।
दुर्गापूजा को मिलेगा वैश्विक मंच
शंकर घोष ने कहा कि देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए दुर्गापूजा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की नई पहल की जाएगी। उन्होंने इसे केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि कला, संस्कृति, विरासत और सामुदायिक सहभागिता का प्रतीक बताया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दुर्गापूजा कार्निवल के आयोजन पर अंतिम निर्णय आगामी कैबिनेट बैठक में लिया जाएगा। इस पहल के जरिए पश्चिम बंगाल पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की योजना है।
विशेष प्रकोष्ठ का होगा गठन
पर्यटन विभाग ने जानकारी दी है कि पर्यटन विकास को गति देने के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया जा रहा है। साथ ही दुर्गापूजा को राज्य के विभिन्न पर्यटन सर्किटों से जोड़ने की योजना भी तैयार की जा रही है, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक केवल कोलकाता ही नहीं बल्कि बंगाल के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों का भी अनुभव ले सकें।