5G स्टैंडअलोन रोमिंग का मतलब है कि जब जियो या टी-मोबाइल के ग्राहक अपने देश से बाहर किसी दूसरे देश में जाएंगे तो उन्हें वहां भी केवल असली 5G नेटवर्क का सिग्नल मिलेगा। आमतौर पर रोमिंग के दौरान नेटवर्क 4G या कम स्पीड पर शिफ्ट हो जाता है लेकिन इस नई सर्विस में 5G SA का अनुभव बना रहेगा। अगर टी-मोबाइल का कोई यूजर विदेश यात्रा करता है और जियो के नेटवर्क पर रोमिंग करता है तो उसे 5G SA नेटवर्क का एक्सपीरियंस मिल सकेगा। इसी तरह जियो के कस्टमर भी टी-मोबाइल के नेटवर्क पर रोमिंग के दौरान इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे।
विदेश यात्रा में क्या फायदा होगा
इस पार्टनरशिप का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो अक्सर दूसरे देशों की यात्रा पर रहते हैं। आमतौर पर विदेश जाने पर मोबाइल नेटवर्क बदल जाता है और रोमिंग के दौरान स्पीड बहुत कम हो जाती है। 5G SA रोमिंग के जरिए कंपनियां इस अनुभव को ज्यादा आसान और बेहतर बनाने की कोशिश कर रही हैं। अब चाहे विदेश में रील्स शेयर करें, वीडियो देखें या ऑफिस के जरूरी काम निपटाएं, इंटरनेट बिना रुके काम करेगा। बिजनेस प्रोफेशनल्स और ट्रैवलिंग के शौकीनों के लिए यह सुविधा बहुत उपयोगी साबित होगी।
5G स्टैंडअलोन की खासियत
5G स्टैंडअलोन को आम तौर पर 5G SA कहा जाता है। यह ऐसा 5G नेटवर्क है जो अपने अलग कोर नेटवर्क पर काम करता है। इसके लिए 4G नेटवर्क के कोर इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होती। 5G SA का इस्तेमाल तेज डेटा स्पीड के साथ कम लेटेंसी और नई तरह की नेटवर्क सर्विस के लिए किया जा सकता है। इसका फायदा सिर्फ मोबाइल यूजर्स तक सीमित नहीं है बल्कि एंटरप्राइज और अन्य एडवांस सेवाओं में भी इसका इस्तेमाल हो सकता है। कम विलंबता और उच्च गति इसे भविष्य की तकनीक बनाती है।
कंपनियों का दावा और भविष्य की संभावनाएं
टी-मोबाइल के चीफ नेटवर्क ऑफिसर अंकुर कपूर ने कहा कि हमने साल 2020 में इस सफर की शुरुआत की थी और आज जियो के साथ मिलकर ग्लोबल स्टेज पर एक नया इतिहास रच दिया है। कंपनियों का दावा है कि यह दुनिया की पहली 5G SA रोमिंग सर्विस है। आगे चलकर इस तकनीक का विस्तार अन्य देशों और नेटवर्क्स तक हो सकता है। विदेश यात्रा के दौरान नेटवर्क और इंटरनेट की परेशानी खत्म होने वाली है। यह कदम ग्लोबल कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।