नई दिल्ली. सितंबर की शुरुआत में कारोबारियों के लिए रसोई गैस का खर्च बढ़ गया है। 1 सितंबर से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में ₹9.50 की बढ़ोतरी की गई है। राजधानी दिल्ली में अब इस सिलेंडर की कीमत ₹2,747.50 हो गई है। होटल, रेस्तरां, ढाबे और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बड़े पैमाने पर कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल होता है, इसलिए इसकी कीमत में बढ़ोतरी का असर उनके परिचालन खर्च पर पड़ सकता है। हालांकि, इस बार घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले LPG सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे आम घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन व्यावसायिक क्षेत्र में बढ़ती लागत का अप्रत्यक्ष असर आगे चलकर कुछ उत्पादों और सेवाओं की कीमतों पर दिखाई दे सकता है।
टाटा की कार खरीदना भी हुआ महंगा
सितंबर से नई कार खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को भी पहले की तुलना में अधिक रकम खर्च करनी पड़ सकती है। टाटा मोटर्स ने 1 सितंबर से अपने कई यात्री वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी लागू कर दी है। कंपनी के अलग-अलग मॉडलों और संस्करणों के आधार पर कीमत में बदलाव अलग हो सकता है और अधिकतम बढ़ोतरी ₹25,000 तक बताई गई है। ऐसे समय में जब वाहन खरीदने वाले ग्राहक कीमत, ऋण की ब्याज दर और मासिक किस्त जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर फैसला करते हैं, नई कीमतों का सीधा असर खरीद बजट पर पड़ सकता है। हालांकि, वास्तविक बढ़ोतरी संबंधित मॉडल और उसके संस्करण के अनुसार अलग-अलग होगी।
हुंडई की गाड़ियां भी हुईं महंगी
टाटा के बाद हुंडई की कारों की कीमतों में भी सितंबर से बदलाव हुआ है। कंपनी ने अपने विभिन्न यात्री वाहन मॉडलों की कीमतों में 1% तक की बढ़ोतरी लागू की है। इसका असर i20, Grand i10 Nios और Exter जैसे मॉडलों पर भी पड़ सकता है। कारों की कीमत में मामूली प्रतिशत वृद्धि भी ज्यादा कीमत वाले मॉडल में कई हजार रुपये का अंतर पैदा कर सकती है। ऐसे में नई कार खरीदने की तैयारी कर रहे ग्राहकों के लिए सितंबर में कुल खरीद लागत का दोबारा आकलन करना जरूरी होगा। वाहन की एक्स-शोरूम कीमत के अलावा पंजीकरण, बीमा और वित्तपोषण से जुड़े खर्च भी कुल बजट को प्रभावित करते हैं।
मुंबई में थोक दूध के दाम बढ़े
मुंबई में सितंबर की शुरुआत दूध कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी बदलाव लेकर आई है। मुंबई मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने थोक दूध की कीमत में करीब ₹9 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। थोक कीमत बढ़ने के बाद इसका प्रभाव खुदरा बाजार पर भी पड़ने की संभावना रहती है, हालांकि खुदरा कीमत में कितना और कब बदलाव होगा, यह आपूर्ति, वितरण लागत और विक्रेताओं के मूल्य निर्धारण पर निर्भर करेगा। दूध रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु है और इसकी कीमत में वृद्धि का असर परिवारों के मासिक बजट के साथ-साथ चाय, मिठाई, डेयरी उत्पाद और खाद्य कारोबार की लागत पर भी पड़ सकता है।
महीने की शुरुआत में बजट पर बढ़ सकता है दबाव
सितंबर में हुए इन बदलावों का असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं पड़ेगा। घरेलू LPG की कीमत स्थिर रहने से सामान्य परिवारों को इस मोर्चे पर तत्काल राहत है, जबकि कमर्शियल LPG की बढ़ी कीमत का असर मुख्य रूप से व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। वहीं कारों की कीमतों में वृद्धि का असर केवल नए वाहन खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ेगा। मुंबई में दूध की थोक कीमत बढ़ने का प्रभाव आगे खुदरा बाजार में दिखाई देता है या नहीं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। ऐसे में नए महीने की शुरुआत में उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि वे बड़े खर्चों और नियमित घरेलू जरूरतों का बजट बनाते समय इन संभावित बदलावों को भी ध्यान में रखें।