रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन धान खरीदी का मुद्दा सदन में जमकर गूंजा। विपक्ष ने बस्तर संभाग में धान उपार्जन और खरीदी को लेकर सवाल उठाए और सरकार पर किसानों को परेशान करने का आरोप लगाया। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
दरअसल प्रदेश में धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और किसानों को समर्थन मूल्य के साथ अंतर की राशि का भुगतान भी किया जा चुका है। इसके बावजूद विधानसभा में धान के मुद्दे पर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है।
कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक लखेश्वर बघेल ने बस्तर क्षेत्र में धान खरीदी और उठाव में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि धान उपार्जन की प्रक्रिया में किसानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा है और सरकार इस मामले में पूरी तरह विफल रही है।
वहीं खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि भाजपा सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब डेढ़ लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है और होली से पहले किसानों को एकमुश्त अंतर की राशि का भुगतान भी किया गया है।
मंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष किसानों के नाम पर सदन को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है और सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दा उठा रहा है।
छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” कहा जाता है और यहां धान व किसानों से जुड़े मुद्दे हमेशा राजनीति के केंद्र में रहे हैं। कभी बोनस, कभी अंतर की राशि और कभी खरीदी व्यवस्था को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहता है।
Comments (0)