छत्तीसगढ़ में सीजीपीएससी भर्ती घोटाले से सबक लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने जा रही है। विधानसभा के वर्तमान बजट सत्र में जल्द ही सरकार "छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक-2026" पेश करेगी। यह कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा परीक्षा सुधार के वादे को पूरा करने की दिशा में उठाया जा रहा है।
नकल करते पकड़े जाने पर पांच साल जेल, पांच लाख तक जुर्माना
नए कानून के तहत, भर्ती परीक्षाओं में नकल करते पकड़े जाने पर परीक्षार्थी को एक से पांच साल तक की जेल और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना भुगतना होगा। वहीं, यदि कोई गिरोह या व्यक्ति पेपर लीक या नकल कराने में शामिल पाया जाता है, तो उसे कठोर कारावास के साथ एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ेगा।
कोचिंग संस्थानों पर भी सख्ती
विधेयक में कोचिंग संस्थानों के लिए भी कड़े नियम बनाए गए हैं। अब कोई भी संस्थान युवाओं को “सौ प्रतिशत चयन की गारंटी” देकर प्रलोभन नहीं दे सकेगा। भ्रामक प्रचार या सफलता के झूठे दावे करना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।
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