मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेश के बासमती चावल को GI टैग दिलाने की जोरदार अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह अनशन पर बैठ सकते हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि APEDA अभी तक मध्य प्रदेश के बासमती चावल को GI टैग देने में विफल रहा है। उन्होंने इस मुद्दे के लिए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को जिम्मेदार बताया।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में बासमती की उत्पादन क्षमता लगभग 27 लाख मैट्रिक टन है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसके अच्छे दाम मिलते हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान को इससे अधिक अवसर मिल रहे हैं, जिससे भारतीय किसानों का नुकसान हो रहा है।
GI टैग से जुड़ी विवादास्पद बातें
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि UPA सरकार के दौरान मध्य प्रदेश के बासमती चावल को GI टैग मिला था, लेकिन बीजेपी सरकार ने इसे रद्द कर दिया। उन्होंने केंद्र सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और प्रदेश के 14 जिलों के बासमती चावल को तुरंत GI टैग देने की मांग की।
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