विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर भव्य सजावट की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। इस बार बाबा महाकाल का दरबार सात समंदर पार से मंगाए गए विदेशी फूलों से सजाया जा रहा है। सिंगापुर, हांगकांग, स्विट्जरलैंड और इंडोनेशिया से विशेष प्रजातियों के फूल मंगाए गए हैं, जिनसे पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक और दिव्य स्वरूप दिया जा रहा है।
40 से अधिक प्रजातियों के फूलों से सजेगा महाकाल का आंगन
मंदिर की सजावट के लिए बेंगलुरु से करीब 200 कलाकार उज्जैन पहुंचे हैं। ये कलाकार 40 से अधिक प्रजातियों के विदेशी और विशेष फूलों का उपयोग कर नंदी हॉल सहित मंदिर के प्रमुख हिस्सों को सजा रहे हैं। अधिकांश फूल पहले हवाई मार्ग से बेंगलुरु और फिर इंदौर लाए गए, जहां से उन्हें उज्जैन पहुंचाया गया। शनिवार शाम तक महाकाल का पूरा आंगन विदेशी फूलों की रंगीन छटा से सजा नजर आएगा।
दक्षिण भारत के नटराज मंदिर की थीम पर विशेष सजावट
इस बार की सजावट दक्षिण भारत के प्रसिद्ध नटराज मंदिर की थीम पर आधारित है। सजावट कार्य का नेतृत्व कर रहे कृष्णमूर्ति रेड्डी ने बताया कि उनकी टीम पिछले 12 वर्षों से महाशिवरात्रि पर मंदिर को प्राकृतिक फूलों और पत्तियों से नेचुरल थीम में सजाती आ रही है। गर्भगृह के साथ-साथ नंदी हॉल और मंदिर परिसर के प्रमुख हिस्सों में विशेष फूल सज्जा की जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं को दक्षिण भारतीय स्थापत्य और परंपरा की झलक देखने को मिलेगी।
लाखों की लागत से होती है सजावट
पिछले वर्ष महाशिवरात्रि की सजावट पर लगभग 30 लाख रुपये खर्च हुए थे। इस बार का अंतिम खर्च आयोजन के बाद तय होगा। हालांकि, सजावट का कार्य सेवा भाव से किया जा रहा है, लेकिन विदेशी फूलों और परिवहन पर लाखों रुपये की लागत आती है। महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर की यह भव्य और दिव्य सजावट देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी।