मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक की नई प्रवेश नीति लागू कर दी है। इसके अनुसार 10वीं और 12वीं के परीक्षा फॉर्म 15 मई से भरे जाएंगे। इस बार मंडल ने परीक्षा शुल्क, नामांकन और अन्य फीस में 25% से लेकर 80% तक की बढ़ोतरी की है, जिससे छात्रों और अभिभावकों पर आर्थिक भार बढ़ेगा।
फीस में वृद्धि
नई व्यवस्था के तहत नियमित विद्यार्थियों के लिए परीक्षा शुल्क 1200 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया गया है, जबकि स्वाध्यायी छात्रों को अब 1600 रुपये देना होगा। 9वीं कक्षा का नामांकन शुल्क भी 350 रुपये से बढ़कर 500 रुपये हो गया है।
इसके अलावा, 10 साल पुरानी अंकसूची की प्रति प्राप्त करने का शुल्क 600 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है। डीएलएड परीक्षा शुल्क में भी वृद्धि की गई है। नियमित छात्रों को सभी विषयों के लिए 7000 रुपये देने होंगे, जबकि द्वितीय अवसर के लिए विषय अनुसार 3000 से 7000 रुपये तक शुल्क तय किया गया है।
वहीं, स्कूलों की संबद्धता फीस भी बढ़ाई गई है। 10वीं के लिए सरकारी स्कूलों को 20 हजार और निजी स्कूलों को 22 हजार रुपये देने होंगे। 12वीं के लिए यह शुल्क क्रमशः 27 हजार और 30 हजार रुपये निर्धारित किया गया है।
गलत प्रवेश पर प्राचार्य पर कार्रवाई
नई नीति में नियमों को और सख्त किया गया है। यदि किसी छात्र को गलत तरीके से प्रवेश दिया जाता है, तो संबंधित स्कूल के प्राचार्य पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यह राशि छात्र से नहीं ली जाएगी।
गंभीर मामलों में संस्था की मान्यता समाप्त करने की भी कार्रवाई हो सकती है। इसके साथ ही 10वीं कक्षा में लंबे समय से लागू ‘बेस्ट ऑफ फाइव’ प्रणाली को समाप्त कर दिया गया है। अब सभी विषयों के अंक अनिवार्य रूप से जोड़े जाएंगे। 9वीं में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 13 वर्ष तय की गई है।
ऑनलाइन प्रक्रिया और डमी एडमिट कार्ड अनिवार्य
नई नीति के अनुसार 9वीं कक्षा का ऑनलाइन नामांकन 15 मई से 30 सितंबर तक किया जा सकेगा। वहीं 10वीं और 12वीं के परीक्षा फॉर्म 15 मई से 15 सितंबर तक भरे जाएंगे। आवेदन में अपार आईडी नंबर देना अनिवार्य होगा।
परीक्षा फॉर्म भरने के सात दिन बाद डमी एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा। स्कूल प्राचार्य को इसे डाउनलोड कर छात्रों और अभिभावकों से जानकारी की पुष्टि कराना अनिवार्य होगा।
निर्धारित समय में ही सुधार संभव
यदि किसी प्रकार की गलती पाई जाती है, तो उसे तय समय सीमा के भीतर ही सुधारा जा सकेगा। मंडल ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई संस्था समय पर घोषणा-पत्र अपलोड नहीं करती है, तो छात्रों के एडमिट कार्ड जारी नहीं किए जाएंगे। साथ ही परीक्षा के बाद किसी भी प्रकार का संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा।