मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में गुरुवार को एक बड़े व्यापारी के बेटे को फोन पर पाँच करोड़ रुपये की फिरौती मांगने की धमकी दी गई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को कुख्यात अपराधी नेटवर्क लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया और रंगदारी न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। व्यापारी परिवार ने तत्क्षण शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने उनके आवास और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी है। घटना सामने आते ही स्थानीय व्यापारिक समुदाय में चिंता और असुरक्षा की भावना बढ़ने लगी है।
अशोकनगर में अंतरराष्ट्रीय कॉल से मिली थी धमकी
इससे एक दिन पहले ही अशोकनगर जिले के एक नामी व्यापारी को इंटरनेशनल वॉयस कॉल पर धमकी दी गई थी। कॉल करने वाले शख्स ने खुद को गैंग का सदस्य ‘हरि बॉक्सर’ बताकर बड़ी रकम की मांग की। व्यापारी ने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद साइबर सेल को कॉल की लोकेशन और तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए सक्रिय कर दिया गया। लगातार दो दिनों में धमकी मिलने से पुलिस ने इस पूरे गैंग-लिंक्ड नेटवर्क की तहकीकात तेज कर दी है।
व्यापारी और अस्पताल संचालक के परिवार में बढ़ी चिंता
इंदौर में धमकी मिलने के बाद व्यापारी परिवार बेहद चिंतित है। परिवार के स्वामित्व वाला अस्पताल जिस क्षेत्र में स्थित है, वह भी अब सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में आ चुका है। किशनगंज थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हर कॉल की तकनीकी जांच, स्रोत की पहचान और संभावित नेटवर्क की पड़ताल में सभी एजेंसियां जुटी हुई हैं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और बढ़ी सुरक्षा
दो लगातार मामलों के बाद पुलिस ने बताया कि दोनों धमकी घटनाओं को अलग-अलग नहीं बल्कि संगठित अपराध की एक संभावित कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। इंदौर और अशोकनगर दोनों जगह व्यापारी परिवारों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से कॉल डिटेल रिकॉर्ड, आईपी रूट और नेटवर्क कनेक्शन की गहन पड़ताल कर रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि धमकी देने वालों का वास्तविक लोकेशन और मकसद क्या है।
प्रदेश में बढ़ते साइबर-आधारित अपराधों पर सवाल
इन घटनाओं ने एक बार फिर प्रदेश में साइबर-आधारित अपराध और रंगदारी मॉड्यूल के नए तरीकों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अपराधियों द्वारा विदेशी नंबरों और डिजिटल कॉलिंग तरीकों का इस्तेमाल जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बनता जा रहा है। पुलिस की इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को अपग्रेड करने, व्यापारियों के लिए हेल्पलाइन सेवाओं को प्रभावी बनाने और साइबर मॉनिटरिंग को और मजबूत करने की जरूरत पर चर्चा शुरू हो गई है।