प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की गई है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) 2.94 के आधार पर यह वृद्धि की गई है। संशोधित स्टाइपेंड 1 अप्रैल 2025 से लागू कर दिया गया है।
कितनी बढ़ी राशि
नए संशोधन के अनुसार पीजी प्रथम वर्ष के डॉक्टरों का स्टाइपेंड 75,444 रुपये से बढ़ाकर 77,662 रुपये कर दिया गया है। वहीं पीजी द्वितीय वर्ष के डॉक्टरों का स्टाइपेंड 77,764 रुपये से बढ़कर 80,050 रुपये हो गया है। इसके अलावा पीजी तृतीय वर्ष के डॉक्टरों का स्टाइपेंड 80,086 रुपये से बढ़ाकर 82,441 रुपये कर दिया गया है।
इसी तरह मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले इंटर्न को 13,928 रुपये मिलते थे, जिसे बढ़ाकर अब 14,337 रुपये कर दिया गया है। वहीं सुपर स्पेशियलिटी कोर्स के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के डॉक्टरों का स्टाइपेंड भी बढ़ाकर 82,441 रुपये निर्धारित किया गया है।
सीनियर और जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड
सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 88,210 रुपये से बढ़ाकर 90,803 रुपये कर दिया गया है। वहीं जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 63,324 रुपये तय किया गया है।
इस फैसले से प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे और सेवाएं दे रहे जूनियर डॉक्टरों को सीधा लाभ मिलेगा।
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