छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दिनदहाड़े 38 लाख रुपये की उठाईगिरी का मामला सामने आया है। घटना सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के पास घटी। जानकारी के मुताबिक मंदिर हसौद निवासी और भारतीय खाद्य निगम के अफसर ज्ञानप्रकाश पाण्डेय सोमवार को जमीन की रजिस्ट्री कराने कलेक्टोरेट स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे थे।अफसर अपनी कार में नकदी से भरा बैग सीट पर रखकर किसी के आने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति ने बैग को कार से पार कर लिया। जब अफसर ने बैग गायब देखा, तो तुरंत सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
क्राइम ब्रांच की तेज कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए रायपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम तुरंत सक्रिय हो गई। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जांच के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्धों पर शक हुआ।
परिचित व्यक्ति ने पार किया नोटों से भरा बैग
सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने अफसर के एक परिचित समेत चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर एक आरोपी के पास से पूरी रकम बरामद कर ली गई।प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिस परिचित को अफसर रुपए की देखरेख के लिए साथ लाए थे, वही रकम देखकर लालच में आ गया। आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से बैग गायब कराया।पुलिस का मानना है कि यह घटना अचानक नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस जल्द ही पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा करने की तैयारी में है।
राजधानी के पॉश इलाके में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से रकम बरामद कर ली गई है, लेकिन दिनदहाड़े इस तरह की वारदात आम लोगों में चिंता बढ़ाने वाली है।