अंतरराष्ट्रीय पैरा तैराक सतेंद्र सिंह लोहिया ने एक बार फिर देश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया है। उन्होंने न्यूजीलैंड के 24 किलोमीटर लंबे और दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्गों में गिने जाने वाले कुक स्ट्रेट को तैरकर पार किया। करीब 9 घंटे 20 मिनट तक लगातार तैरते हुए उन्होंने कठिन लहरों, ठंडे पानी और तेज धाराओं का सामना किया और सफलतापूर्वक अपनी मंजिल तक पहुंचे।
एशिया के पहले पैरा तैराक बने
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ सतेंद्र कुक स्ट्रेट पार करने वाले एशिया के पहले पैरा तैराक बन गए हैं। यह उपलब्धि न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। ओपन वाटर स्विमिंग की दुनिया में कुक स्ट्रेट को बेहद कठिन माना जाता है, जहां मौसम और समुद्री परिस्थितियां कभी भी बदल सकती हैं।
15 डिग्री तापमान और तेज धाराओं से जंग
तैराकी के दौरान समुद्र का तापमान लगभग 15 डिग्री सेल्सियस था, जो किसी भी तैराक के लिए बड़ी चुनौती होती है। इसके साथ ही तेज समुद्री धाराएं और ऊंची लहरें इस सफर को और कठिन बना रही थीं। इसके बावजूद सतेंद्र ने हिम्मत और धैर्य के साथ तैराकी जारी रखी और तय समय में लक्ष्य हासिल कर लिया।
एक माह की कड़ी तैयारी के बाद मिली सफलता
सतेंद्र 14 जनवरी 2026 को इस अभियान के लिए रवाना हुए थे। उन्होंने करीब एक माह तक कठोर प्रशिक्षण लिया, जिसमें शारीरिक क्षमता, सहनशक्ति और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया गया। 12 फरवरी को सुबह 10 बजे उन्होंने तैराकी शुरू की और शाम तक इस चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्ग को पार कर इतिहास रच दिया।
गांव की नदी से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक
मध्यप्रदेश के भिंड जिले की मेहगांव तहसील के गाता गांव में किसान परिवार में जन्मे सतेंद्र ने तैराकी की शुरुआत गांव की बेसली नदी से की थी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने जुनून और मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया।
पद्मश्री सम्मानित और शासकीय सेवाओं में सक्रिय
सतेंद्र सिंह लोहिया को उनके खेल योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। वे वर्तमान में इंदौर में वाणिज्यकर विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और साथ ही खेल के क्षेत्र में नई पीढ़ी को प्रेरित कर रहे हैं।