एक भारतीय कंटेंट क्रिएटर ने मिलेनियल्स और Gen Z के बीच बचपन की यादों की बाढ़ ला दी है। इन्फ्लुएंसर सार्थक सचदेवा ने भारत से लगभग 6,000 किलोमीटर दूर जापान की यात्रा कर उस जगह को एक्सप्लोर किया, जिसे वह मशहूर एनीमे ‘डोरेमोन’ की असली प्रेरणा मानते हैं। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में दिखा नोबिता की दुनिया जैसा नजारा
वीडियो की शुरुआत में सार्थक कैमरे के सामने उत्साहित होकर कहते हैं कि वह भारत से सिर्फ “इस घर” को देखने आए हैं। इसके बाद वीडियो में शांत जापानी मोहल्ला दिखता है, जिसमें संकरी गलियां, छोटे-छोटे घर और साफ-सुथरी सड़कें नजर आती हैं, जो सीधे डोरेमोन के एनीमे की याद दिलाती हैं।
नॉस्टैल्जिया से भर गया इंटरनेट
जैसे-जैसे वीडियो आगे बढ़ता है, सार्थक बताते हैं कि इसी सड़क पर दर्शकों ने नोबिता को स्कूल जाते, दोस्तों से मिलते और खेल के मैदान की ओर भागते देखा है। शांत माहौल और मिनिमलिस्ट घरों ने पूरे दृश्य को और भी रियल बना दिया, जिससे दर्शकों को लगा कि वे सच में अपने बचपन में लौट आए हैं।
फैंस ने कहा ‘बचपन की यादें ताज़ा हो गईं’
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों की भावनात्मक प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कई यूजर्स ने इसे “बचपन का सपना सच होना” बताया। किसी ने लिखा "रोंगटे खड़े हो जाना”, तो किसी ने कहा “सुनहरे दिन” वहीं एक यूजर ने लिखा "हमारी बचपन की भावनाएँ डोरेमोन” जबकि एक अन्य ने कमेंट किया कि यह वीडियो उनका दिन बना गया।
हालांकि ‘डोरेमोन’ की कहानी टोक्यो में सेट है, लेकिन इसे फुजिको एफ. फुजियो की कल्पना से जोड़ा जाता है, जिनका जन्म टाकाओका में हुआ था। यही कारण है कि कई जगहें इस एनीमे के विजुअल वाइब्स से मेल खाती नजर आती हैं। यह वीडियो सिर्फ एक ट्रैवल व्लॉग नहीं रहा, बल्कि एक भावनात्मक सफर बन गया जिसने लाखों लोगों को उनके बचपन की दुनिया में वापस पहुंचा दिया।