वडोदरा - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से विदेशों में 'डेस्टिनेशन वेडिंग' करने के बजाय भारत में ही विवाह समारोह आयोजित करने की अपील की है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच, पीएम मोदी ने यह आह्वान विदेशी मुद्रा के बचाव और घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के मकसद से किया है।
विदेश में नहीं, देश में ही रचाएं शादियां
गुजरात के वडोदरा में एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बढ़ते विदेशी दौरों और शादियों पर चिंता जताई। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि, विदेशों में शादी करने के चलन से देश की विदेशी मुद्रा का बड़ा हिस्सा बाहर जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिवारों को इसके बजाय भारत के भीतर ही छुट्टियां मनाने और शादी करने के लिए जगहों का पता लगाना चाहिए।
लोग 'वर्क फ्रॉम होम' करें
इससे पहले पीएम मोदी ने देशवासियों से एक बड़ी और अहम अपील की थी। विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने और देश की अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से सुरक्षित रखने के लिए पीएम मोदी ने लोगों से 'वर्क फ्रॉम होम' की व्यवस्था को फिर से अपनाने, ईंधन की खपत कम करने और यहां तक कि एक साल तक शादियों में सोना न खरीदने का आग्रह किया है।
एक साल सोना न खरीदें
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने नागरिकों से गैर-जरूरी खर्चों पर पुनर्विचार करने की अपील की। वैश्विक ऊर्जा लागत बढ़ने के कारण देश पर पड़ रहे भारी आर्थिक दबाव का हवाला देते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा, "मैं लोगों से अपील करूंगा कि देशहित में हम को यह तय करना पड़ेगा कि साल भर तक घर में कोई भी कार्यक्रम हो हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे।