पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान की इस्लामी क्रांतिकारी गार्ड ने अपने सैन्य अभियान के नए चरण की घोषणा करते हुए कई देशों में स्थित अमेरिकी और इज़राइली ठिकानों को निशाना बनाया है। सरकारी प्रसारण माध्यम के अनुसार यह कार्रवाई एक व्यापक सैन्य अभियान के अंतर्गत की गई, जिसमें उन्नत तकनीक वाले ड्रोन और विभिन्न प्रकार की मिसाइलों का उपयोग किया गया। ईरानी सैन्य नेतृत्व ने इसे अपने अभियान का तेईसवां चरण बताया और कहा कि यह कार्रवाई क्षेत्र में मौजूद रणनीतिक लक्ष्यों को ध्यान में रखकर की गई है।
क्षेत्रीय अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले
ईरानी सैन्य बयान के अनुसार इस हमले में पश्चिम एशिया के कई देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को लक्ष्य बनाया गया। इनमें बहरीन में स्थित शेख ईसा और जुफैर क्षेत्र के अड्डे, कुवैत के अली अल सालेम अड्डे तथा जॉर्डन के अल अजरक सैन्य ठिकाने शामिल बताए गए हैं। ईरान ने दावा किया कि इन हमलों का उद्देश्य क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को चुनौती देना और अपने खिलाफ जारी सैन्य दबाव का जवाब देना है।
इज़राइल के दक्षिणी क्षेत्रों को भी बनाया निशाना
ईरानी सरकारी सूत्रों ने यह भी कहा कि हमलों की इस श्रृंखला में इज़राइल के दक्षिणी हिस्से के कई स्थानों को भी निशाना बनाया गया। इनमें तकनीकी और सैन्य सहयोग से जुड़े ठिकानों का उल्लेख किया गया है। ईरान का दावा है कि ये स्थान क्षेत्रीय सैन्य अभियानों के संचालन और तकनीकी सहायता से जुड़े केंद्र हैं, इसलिए उन्हें रणनीतिक लक्ष्य माना गया।
नई पीढ़ी की मिसाइलों का उपयोग
ईरान के सैन्य अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान में नई पीढ़ी की ठोस और तरल ईंधन आधारित मिसाइल प्रणालियों का उपयोग किया गया। इन मिसाइलों को लंबी दूरी और अधिक सटीकता के लिए विकसित किया गया है। ईरान का कहना है कि लगातार हमलों और दबाव के बावजूद उसकी मिसाइल क्षमता पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी बनी हुई है, जिसका प्रदर्शन इस अभियान में देखने को मिला।
संघर्ष की पृष्ठभूमि और बढ़ता तनाव
यह सैन्य कार्रवाई उस व्यापक संघर्ष के बाद हुई है जिसमें संयुक्त अमेरिकी और इज़राइली हमलों के दौरान ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता और कई वरिष्ठ अधिकारियों की मृत्यु हो गई थी। उस घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और ईरान ने इसे अपने खिलाफ सीधा आक्रमण मानते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके परिणामस्वरूप पश्चिम एशिया के कई देशों में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।
इराक और लेबनान में भी बढ़ी सैन्य गतिविधि
इसी बीच इराक में भी एक सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर रॉकेट हमला किए जाने की खबर सामने आई है। यह अड्डा राजधानी के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित बताया जाता है। इसके अलावा बगदाद के उत्तर में स्थित एक अन्य सैन्य ठिकाने पर भी रॉकेट गिरने की सूचना मिली है। दूसरी ओर इज़राइल ने भी अपने सैन्य अभियानों को जारी रखते हुए लेबनान की राजधानी के दक्षिणी इलाके में हवाई हमले किए हैं, जिन्हें वहां मौजूद सशस्त्र समूहों से जुड़े कमांड केंद्रों को लक्ष्य बनाकर अंजाम दिया गया बताया गया है।
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