नई दिल्ली/वाशिंगटन: रूसी कच्चे तेल के व्यापार को लेकर अमेरिका द्वारा 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की चेतावनियों के बीच कूटनीतिक गलियारों से बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी दिसंबर महीने में अमेरिका और कनाडा की महत्वपूर्ण यात्रा पर जाने वाले हैं। यह दौरा फ्लोरिडा में आयोजित होने जा रहे जी-20 लीडर्स समिट में भाग लेने के लिए प्रस्तावित है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से अभी इस यात्रा की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार इस दौरान पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक होना लगभग तय माना जा रहा है।
14-15 दिसंबर को फ्लोरिडा में जी-20 शिखर सम्मेलन, ट्रंप करेंगे विश्व नेताओं का स्वागत
अमेरिकी मेजबानी में इस साल का जी-20 शिखर सम्मेलन 14 और 15 दिसंबर को फ्लोरिडा के मियामी (डोराल) में आयोजित होने जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों और वैश्विक नेताओं की अगवानी करेंगे। इस सम्मेलन के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जा रहा है। कूटनीतिक परंपरा के अनुसार विदेश मंत्रालय इस प्रकार के दौरों की घोषणा काफी बाद में करता है, लेकिन वैश्विक रणनीतिक स्थिति को देखते हुए इस दौरे पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
रूसी तेल आयात पर 100% सीमा शुल्क का खतरा और अमेरिका-भारत संबंध
हाल ही में अमेरिकी संसद में एक विधेयक पारित हुआ है, जिस पर राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। इस नए कानून के तहत रूस के साथ तेल व्यापार करने वाले देशों पर अमेरिका 100 प्रतिशत तक का भारी-भरकम सीमा शुल्क (टैरिफ) लगा सकता है। भारत वर्तमान में रूस से सबसे अधिक कच्चा तेल खरीदने वाले प्रमुख देशों में शामिल है, जिसके चलते नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच व्यापारिक खींचतान चल रही है। ऐसे प्रतिकूल वैश्विक माहौल में पीएम मोदी और ट्रंप की यह संभावित मुलाकात दोनों देशों के आर्थिक और कूटनीतिक रिश्तों के लिहाज से बेहद निर्णायक मानी जा रही है।
अमेरिका के बाद कनाडा दौरे की योजना, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी करेंगे अगवानी
अमेरिका यात्रा के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनाडा के दौरे पर भी जाएंगे। कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि वे दिसंबर में पीएम मोदी की अगवानी करने के लिए उत्सुक हैं। पिछले कुछ समय से भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों में आई खटास को पीछे छोड़ते हुए अब रिश्तों को दोबारा गति दी जा रही है। कार्नी ने स्पष्ट किया है कि मोदी की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते और आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।
भारत-कनाडा के बीच व्यापार वार्ता और रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी मजबूती
कनाडा में नेतृत्व परिवर्तन और पीएम मार्क कार्नी की पहल के बाद से भारत-कनाडा द्विपक्षीय वार्ताओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर चर्चा अंतिम दौर में पहुंच रही है। रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की इस दो देशीय (अमेरिका और कनाडा) यात्रा से न केवल उत्तर अमेरिकी महाद्वीप के साथ भारत के व्यापारिक समीकरण सुधरेंगे, बल्कि टैरिफ युद्ध जैसी भावी आर्थिक चुनौतियों से निपटने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।