भोपाल :मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को छोटी दीपावली पर निवाड़ी जिले की धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ओरछा में विश्व प्रसिद्ध श्रीरामराजा सरकार मंदिर पहुंचकर दर्शन एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने श्रीरामराजा सरकार के मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, प्रगति और खुशहाली की प्रार्थना की।
श्रीरामराजा सरकार के दरबार में पहुंचे CM
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ओरछा का श्रीराम राजा मंदिर हम सभी के लिए आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। हमारी सरकार बनने के बाद श्रीरामराजा लोक के विकास एवं निर्माण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से ओरछा एक अद्भुत स्थल है। इसका अत्यंत ऐतिहासिक महत्व भी है, ओरछा आकर सबका मन यहीं का हो जाता है।
रामराजा लोक का काम तेज
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में काशी में भगवान विश्वनाथ धाम, अयोध्या में भगवान श्रीराम धाम तथा उज्जैन में श्री महाकाल महालोक के विकास से धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिली है। मध्यप्रदेश में भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास का वातावरण बना है। ओरछा में भी इसी प्रकार की समृद्धि और विकास लाने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रीराम राजा सरकार के दर्शन एवं पूजन के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम दिन में ओरछा में राजा के रूप में विराजमान रहते हैं। भगवान श्रीराम हम सभी के आराध्य हैं, और हम सब उन्हें श्रद्धा से नमन करते हैं। दीपावली के पावन पर्व से एक दिन पूर्व रूप चौदस के अवसर पर ओरछा आकर श्रीरामराजा सरकार के दर्शन एवं नमन करने का सौभाग्य मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान श्रीराम से प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं सभी के कल्याण की कामना करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की मंशा है कि समाज के सभी वर्गों, किसानों, युवाओं, गौपालकों सहित प्रत्येक नागरिक का कल्याण हो तथा सरकार की सभी जनहितैषी नीतियां अपने मूल उद्देश्य से सफल सिद्ध हों। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के इस अद्भुत केंद्र ओरछा में भी विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित हों, इसके लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सभी जिम्मेदार अधिकारियों को श्रीरामराजा लोक के अंतर्गत चल रहे सभी श्रेणियों के निर्माण एवं विकास कार्यों को तय समय-सीमा में पूरी गुणवत्ता के साथ पूरे करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने रूप चौदस एवं दीपावली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।
मुख्यमंत्री ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन, स्थानीय उत्पादों एवं बुंदेली कला को सराहा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओरछा में हाथी साव सुपारी साव परिसर में लगाई गई विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों पर पहुंचकर स्थानीय इतिहास, संस्कृति, पारंपरिक खाद्य उत्पादों, औषधीय फसलों एवं स्थानीय कला से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदर्शनी में शामिल सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रत्येक प्रदर्शनी स्टॉल के प्रतिभागियों को 5-5 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि देने की घोषणा की।
स्थानीय उत्पादों और बुंदेली कला की प्रदर्शनी देखी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित मानचित्र का अवलोकन किया तथा सीतामढ़ी सहित क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय जन जीवन, क्षेत्र की विशेषताओं एवं परंपराओं के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों पर प्रदर्शित स्थानीय खाद्य उत्पादों एवं पारंपरिक व्यंजनों को देखा। उन्होंने मोटे अनाज से तैयार खाद्य पदार्थों, तुलसी की खेती एवं उससे बनने वाली चाय, औषधीय फसलों तथा अन्य स्थानीय उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इन उत्पादों के उपयोग, स्वास्थ्य लाभ एवं स्थानीय स्तर पर इनके उत्पादन की संभावनाओं के संबंध में भी रुचि दिखाई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदर्शनी में बुंदेली कला एवं चित्रकारी का प्रदर्शन कर रही बालिकाओं से संवाद किया। उन्होंने बालिकाओं द्वारा तैयार की गई पेंटिंग्स का अवलोकन किया तथा उनकी कला एवं रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनकी बनाई हुई कुछ पेंटिंग्स स्वयं खरीदीं कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने स्थानीय कला एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए सभी बालिकाओं के प्रयासों की प्रशंसा की।
पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाथी साव सुपारी साव परिसर में पौधारोपण किया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा स्थानीय उत्पादों, पारम्परिक खानपान, औषधीय वनस्पतियों एवं बुंदेली कला को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत करने के प्रयासों की सराहना की।
ओरछा में सांस्कृतिक पुनरुद्धार और पर्यटन विकास कार्य
ओरछा के सांस्कृतिक गौरव के पुनरुद्धार और पर्यटन विकास के लिए कुल 239.87 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 126.96 करोड़ रुपये की लागत से भव्य 'श्री रामराजा लोक' का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही स्टेट आर्कियोलॉजी से 7.5 करोड़ रुपये, स्टेट टूरिज्म से 19.73 करोड़ रुपये तथा अन्य विशेष अनुभव व विकास कार्यों को भी तीव्र गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। स्थानीय धरोहरों के संरक्षण से जुड़े कार्यों के तहत लक्ष्मी मंदिर की चारदीवारी निर्माण, रायप्रवीण महल व उद्यान, नजीर बाग एवं फूल बाग संरक्षण कार्य तथा राजा महल संरक्षण एवं बाउंड्री वाल निर्माण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इन सभी विकास कार्यों के माध्यम से ओरछा को वैश्विक पर्यटन व धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया जा रहा है।