भोपाल: मध्यप्रदेश में मानसून की गतिविधियों में फिलहाल थोड़ी कमी देखने को मिल रही है, लेकिन अगले दो दिनों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 अगस्त से प्रदेश में तेज और झमाझम बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। वहीं गुरुवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बौछारें दर्ज की गईं।
मौसम विज्ञान केंद्र ने पूरे मध्यप्रदेश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। बारिश की गतिविधियां कम होने के बावजूद रुक-रुककर हो रही बौछारों के कारण प्रदेश में तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे बना हुआ है।
मानसून ट्रफ के खिसकने से बारिश में आई कमी
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून ट्रफ वर्तमान में उत्तरप्रदेश की ओर बढ़ गया है। इसके कारण मध्यप्रदेश में गुरुवार को बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी दर्ज की गई।हालांकि, उत्तर-पश्चिमी इलाकों के ऊपर बने हवा के चक्रवातीय परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना हुआ है। इसी को देखते हुए मौसम विभाग ने सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
सतना में सबसे ज्यादा बारिश
गुरुवार शाम 5:30 बजे तक प्रदेश में सबसे ज्यादा 15 मिलीमीटर बारिश सतना में दर्ज की गई। इसके अलावा ग्वालियर में 9 मिलीमीटर बारिश हुई।खजुराहो और रतलाम में 2-2 मिलीमीटर, जबकि इंदौर और मलाजखंड में 1-1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। भोपाल, धार, गुना, नर्मदापुरम और सागर में भी हल्की बौछारें पड़ीं।
15-16 अगस्त से फिर तेज होगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम बंगाल के ऊपर एक डिप्रेशन सिस्टम बना हुआ है। इसके प्रभाव से 15 और 16 अगस्त से मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।इसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में एक बार फिर तेज बारिश और झमाझम बौछारों का दौर शुरू हो सकता है। स्वतंत्रता दिवस के आसपास मौसम के और सक्रिय होने की संभावना है।
फिलहाल प्रदेश में तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे बना हुआ है। हल्की बारिश के कारण मौसम सुहावना बना हुआ है, लेकिन अगले दो दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है।मौसम विभाग ने लोगों से स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की अपील की है, खासकर उन इलाकों में जहां तेज बारिश के दौरान जलभराव और नदी-नालों के उफान की स्थिति बन सकती है।