Jaipur: दक्षिण पश्चिम मानसून से पहले दक्षिण पश्चिम राजस्थान और उससे सटे इलाकों में लगातार बारिश का दौर बना हुआ है। एक भीषण चक्रवात राजस्थान, पंजाब ओर पड़ोसी राज्यों पर मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने बताया है कि 6 जून को एक नया पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है। इसके कारण एक बार फिर से प्रदेश में आंधी, जबरदस्त बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। इसके साथ ही एक चक्रवात इस समय जम्मू-कश्मीर पर मंडरा रहा है। इसके राजस्थान की तरफ सरकने की संभावना जताई जा रही है। जयपुर मौसम केंद्र ने पिछले 24 घंटे के दौरान में कई जगहों पर मेघगर्जन, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की है।
राजस्थान के 5 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर जारी है। पाकिस्तान से होते हुए 1 जून को माह का पहला पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान पहुंच गया। इसके कारण प्रदेश के मौसम केंद्र ने रात आठ बजे तक छह अलर्ट जारी किए। जयपुर मौसम केंद्र ने प्रदेश के पांच जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। कोटा, बारां, उदयपुर, अजमेर और टोंक में यह अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से आंधी चलेगी।
राजधानी जयपुर में ओलावृष्टि की संभावना
मौसम विभाग ने बताया है कि मौसम की यह गतिविधि शनिवार को जयपुर, अजमेर, अलवर, सीकर, बीकानेर, चूरू और श्रीगंगानगर सहित कई जिलों में जारी रहेगी। इन जिलों में गुरूवार को भी आंधी और बारिश हुई। राजधानी जयपुर सहित हनुमानगढ़ श्रीगंगानगर सूरतगढ़ और दौसा में भी ओलावृष्टि का असर दिखाई दिया।
4 जून तक केरल तट पहुंचेगा मानसून!
दक्षिण पश्चिम मानसून के दस्तक देने की प्रतीक्षा बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। मौसम विभाग ने इस बार मानसून के देरी आने का अंदेशा जाहिर किया था। अमूमन 1 जून को केरल तट पर मानसून दस्तक दे देता है लेकिन इस बार 4 जून को मानसून के पहुंचने की संभावना जताई गई है।
इस समय दक्षिण पश्चिमी मानसून दक्षिण अरब सागर, मालदीव, लक्षद्वीप, कोमोरिन, बंगाल की खाड़ी में दक्षिण सहित पूर्वी मध्य इलाकों तक आगे जा पहुंचा है। मानसून की गति परिस्थिति भी सही है। अगर अगले 48 घंटे में बेहतर तंत्र मिला तो दक्षिण पश्चिम मानसून 4 जून को केरल का तट छू लेगा और इसके साथ ही भारत में दक्षिण पश्चिमी मानसून का प्रवेश हो जाएगा।
20 से 25 जून के बीच राजस्थान में दस्तक देगा मानसून
भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिक और जयपुर केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि यूं तो 20 से 25 जून तक मानसून राजस्थान में दस्तक देता है। यह स्थिति जब होती है जब मानसून अपनी सामान्य गति से पहुंचे। इस बार मानसून के तीन दिन के देरी से केरल के तट पर आने की संभावना हे। इसके बाद ही यह तय हो पाएगा कि राजस्थान में मानसून कब पहुंचेगा। मानसून अगर 4 जून को केरल पहुंच जाता है और गति और परिस्थिति सही रही तो यह जून के अंतिम सप्ताह में राजस्थान को बारिश से सराबोर करेगा।
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