किन्नौर, हिमाचल प्रदेश- हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में मानसून के बीच शनिवार शाम बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। मस्तरंग (रक्छम) क्षेत्र में आईटीबीपी कैंप के पास ग्रागा नाले में फ्लैश फ्लड आने से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गए, जिससे सांगला-छितकुल मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से फिलहाल इस मार्ग पर यात्रा न करने की अपील की है।
बादल फटने से अचानक आई फ्लैश फ्लड
शनिवार (18 जुलाई) शाम करीब 5 बजे ऊंची पहाड़ियों पर बादल फटने के बाद ग्रागा नाले में अचानक तेज बहाव आ गया। बाढ़ के साथ आए मलबे, मिट्टी और विशाल चट्टानों ने सांगला-छितकुल मार्ग को पूरी तरह ढक दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रुक गई।
ITBP कैंप भी खतरे की जद में
फ्लैश फ्लड का असर आईटीबीपी कैंप तक पहुंचा, जहां आवासीय परिसर के पास मलबा और पानी जमा हो गया। हालांकि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण बना रहा और फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
जनहानि नहीं, लेकिन सतर्कता बरकरार
जिला प्रशासन के अनुसार अब तक किसी भी प्रकार की जनहानि या सरकारी एवं निजी संपत्ति को बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट मोड पर हैं।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे फिलहाल सांगला-छितकुल मार्ग पर यात्रा न करें। नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
अगले कुछ दिनों तक बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार किन्नौर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। ऐसे में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा बना रहेगा। प्रशासन ने लोगों से मौसम अपडेट पर नजर रखने और सावधानी बरतने की अपील की है।