पुंछ, जम्मू-कश्मीर- जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पुंछ जिले में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही मची है। कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए, पुलस्त्य नदी उफान पर आ गई और कई सड़कें बंद हो गई हैं। हादसों में दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। प्रशासन, SDRF, पुलिस और सेना की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
पुंछ में बाढ़ का कहर, दुकानें और वाहन बहे
लगातार बारिश के कारण पुलस्त्य नदी में अचानक आई बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया। बाढ़ के तेज बहाव में दो दुकानें, एक आटा चक्की और वाहनों का सर्विस स्टेशन बह गया। कई वाहन भी बाढ़ की चपेट में आ गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
मकान गिरने से दो लोगों की मौत
सुरनकोट तहसील के संगलेयानी गांव में भारी बारिश के चलते एक मकान ढह गया, जिसमें 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई। हादसे के समय मकान में फंसे आठ लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। वहीं, नूना बांडी गांव में एक अन्य मकान गिरने से एक महिला की मौत हो गई और तीन लोग घायल हो गए।
भूस्खलन से कई सड़कें बंद
भारी बारिश के कारण पुंछ और आसपास के इलाकों में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। इसके चलते जिले के अधिकांश सड़क मार्ग बंद हो गए हैं। प्रशासन लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील कर रहा है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दिए राहत के निर्देश
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पुंछ में आई बाढ़ और भूस्खलन में हुई जनहानि पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि SDRF, पुलिस और अन्य एजेंसियां युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि वह स्थिति का जायजा लेने के लिए दिल्ली से जम्मू लौटेंगे।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लिया हालात का जायजा
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर राजौरी और पुंछ के हालात की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और सभी विभाग हाई अलर्ट पर हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी भी तरह की देरी न हो और हर प्रभावित परिवार तक तत्काल सहायता पहुंचे।