पुणे - महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मनुस्मृति को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद बढ़ता जा रहा है। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राहुल गांधी के बयान पर नाराजगी जताते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर राहुल गांधी अपने बयान पर माफी नहीं मांगते हैं तो वह कांग्रेस के खिलाफ हिंदू बहिष्कार अभियान चलाने पर विचार कर सकते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
राहुल गांधी के बयान पर शंकराचार्य नाराज
राहुल गांधी के बयान पर शंकराचार्य नाराज
पुणे के कार्यक्रम में राहुल गांधी ने मनुस्मृति और सामाजिक व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी थी। उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने इसे लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने राहुल गांधी से अपने बयान पर माफी मांगने को कहा। शंकराचार्य ने राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें पहले अपनी बहन से राखी बंधवाकर उनकी रक्षा करने का वचन देते हुए दिखाई देना चाहिए। उनके इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
कांग्रेस के खिलाफ बहिष्कार की चेतावनी
शंकराचार्य ने कहा कि अगर राहुल गांधी अपनी टिप्पणी को लेकर माफी नहीं मांगते हैं तो वह कांग्रेस के खिलाफ हिंदू बहिष्कार की मुहिम चलाने पर विचार करेंगे। उनके इस बयान को आगामी चुनावों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि धार्मिक और वैचारिक मुद्दे अक्सर चुनावी राजनीति में बड़ा प्रभाव डालते हैं। हालांकि, बहिष्कार को लेकर अभी किसी अभियान की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। फिलहाल शंकराचार्य की चेतावनी ने कांग्रेस को लेकर राजनीतिक चर्चा जरूर तेज कर दी है।
बीजेपी ने भी साधा निशाना
मामले में बीजेपी समर्थक राधिका खेड़ा की एंट्री के बाद सियासी टकराव और बढ़ गया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा से जुड़ा एक वीडियो साझा किया। राधिका खेड़ा के मुताबिक, वीडियो में पवन खेड़ा शंकराचार्य के बयान का जवाब देते नजर आ रहे हैं। वीडियो साझा करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता शंकराचार्य के बयान के बाद बौखला गए हैं। राधिका खेड़ा ने अपने पोस्ट में ‘चुनावी हिंदू’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
‘जब तक खामोश थे, आदरणीय थे’
राधिका खेड़ा ने अपने पोस्ट में शंकराचार्य के बयान का हवाला देते हुए कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि जब तक शंकराचार्य कांग्रेस के खिलाफ नहीं बोल रहे थे, तब तक उन्हें सम्मान दिया जाता था, लेकिन राहुल गांधी पर टिप्पणी सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं का रवैया बदल गया। उन्होंने पवन खेड़ा पर भी सवाल उठाते हुए तीखी भाषा का इस्तेमाल किया और पूछा कि वह किस तरह के ब्राह्मण हैं। उनके इस बयान से साफ है कि बीजेपी समर्थक खेमे ने इस विवाद को कांग्रेस की हिंदू और सनातन से जुड़ी राजनीति पर हमला करने के मौके के तौर पर लिया है।
2027 यूपी चुनाव से भी जुड़ रहा मामला
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब देश के कई राज्यों में राजनीतिक दल आगामी चुनावों की तैयारियों में जुटे हैं और उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी सियासी गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में राहुल गांधी का हिंदू धर्म, मनुस्मृति और सामाजिक व्यवस्था से जुड़ा बयान बीजेपी और कांग्रेस के बीच वैचारिक टकराव का नया मुद्दा बन सकता है। बीजेपी पहले भी कांग्रेस और राहुल गांधी पर हिंदू विरोधी राजनीति करने के आरोप लगाती रही है, जबकि कांग्रेस सामाजिक समानता और संविधान के मुद्दों को अपनी राजनीति का अहम हिस्सा बताती रही है। अब शंकराचार्य के बयान के बाद इस बहस में धार्मिक नेतृत्व का संदर्भ भी जुड़ गया है।
आगे बढ़ सकता है राजनीतिक विवाद
फिलहाल इस पूरे मामले में तीन स्तरों पर सियासत दिखाई दे रही है—राहुल गांधी की टिप्पणी, शंकराचार्य की नाराजगी और बीजेपी समर्थकों का कांग्रेस पर हमला। आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया और राहुल गांधी के बयान को लेकर स्पष्टीकरण सामने आता है या नहीं, इस पर सबकी नजर रहेगी। चुनावी माहौल के बीच धार्मिक और वैचारिक मुद्दों को लेकर बढ़ती बयानबाजी से साफ है कि आने वाले समय में यह विवाद राजनीतिक मंचों पर और जोर पकड़ सकता है।