नई दिल्ली: सफदरजंग अस्पताल में भर्ती शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों के लिए एक भावनात्मक और दृढ़ संदेश जारी किया है। अपनी पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो के माध्यम से सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस हस्तलिखित नोट में, वांगचुक ने 20 जुलाई को होने वाले 'संसद मार्च' को सफल बनाने की अपील की है। उन्होंने इस मार्च को भारत का "दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन" करार दिया है।

'अवैध हिरासत' का आरोप, न्याय और भय से मुक्ति की मांग
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने अपने संदेश में इसे "अवैध हिरासत" बताया है। उन्होंने अपने इस संघर्ष को दो प्रमुख स्तंभों में बांटा है:
- अन्याय से मुक्ति: पेपर लीक जैसे मुद्दों का हवाला देते हुए उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही की मांग की है।
- भय से मुक्ति: उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को 'भय' का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह आंदोलन नागरिकों को भय और अन्याय से मुक्त कराने के लिए है।
अस्पताल की निगरानी में वांगचुक, समर्थक चिंतित
सफदरजंग अस्पताल के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, सोनम वांगचुक की स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन 21 दिनों के लंबे उपवास के कारण उनके रक्त के मापदंडों में मामूली बदलाव आया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उन्हें डॉक्टरों की एक बहु-विषयक टीम (multidisciplinary team) की कड़ी निगरानी में रखा गया है ताकि किसी भी संभावित जटिलता से बचा जा सके। हालांकि, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने अस्पताल प्रशासन पर अविश्वास जताते हुए आरोप लगाया है कि उनकी सेहत के बारे में पूरी जानकारी साझा नहीं की जा रही है और वे इसे 'अवैध हिरासत' मानती हैं।
क्या है आगे की रणनीति?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित यह आंदोलन नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों की मौत के विरोध में शुरू किया गया था। वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद, CJP नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि 20 जुलाई को संसद तक मार्च का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार ही आगे बढ़ेगा। विपक्षी दलों और विभिन्न छात्र संगठनों का भी इस आंदोलन को समर्थन मिल रहा है, जिससे कल होने वाले इस मार्च पर सबकी निगाहें टिकी हैं।