वाराणसी/भोपाल। देश के कई राज्यों में मानसून का असर तेज है, जबकि राजस्थान में बारिश कमजोर पड़ने से गर्मी और उमस बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश में गंगा और घाघरा समेत 6 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वहीं वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से शहर के सभी 84 घाट डूब गए हैं।मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी तेज बारिश की संभावना है।
वाराणसी के सभी घाट पानी में डूबे
उत्तरप्रदेश में लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से सभी 84 घाट जलमग्न हो गए हैं।
यूपी की 6 नदियां खतरे के निशान से ऊपर
प्रदेश में गंगा और घाघरा समेत 6 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नदी किनारे बसे इलाकों में जलस्तर बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
MP के 22 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने शनिवार को मध्यप्रदेश के 22 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में फिलहाल तीन मानसूनी सिस्टम एक्टिव बताए जा रहे हैं।रीवा-सीधी के पास लो प्रेशर एरिया, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से मानसून ट्रफ और दक्षिण-पश्चिमी मध्यप्रदेश में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है।
यूपी के 28 जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी
मध्यप्रदेश के साथ उत्तरप्रदेश के 28 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी तेज बारिश
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी तेज बारिश होने की संभावना है। दोनों राज्यों के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं।बारिश के दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून, 40° के करीब पहुंचा पारा
एक तरफ जहां मध्य भारत और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है, वहीं राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ गया है। बारिश कम होने से प्रदेश में गर्मी और उमस बढ़ गई है। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस और चूरू में 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगस्त में तापमान का 40 डिग्री के करीब पहुंचना मौसम के अलग-अलग मिजाज को दिखा रहा है।
MP में तीन सिस्टम से बारिश का दौर
मध्यप्रदेश में बारिश के पीछे एक साथ तीन मौसम प्रणालियों का असर बताया जा रहा है। रीवा-सीधी के आसपास बना लो प्रेशर एरिया, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से गुजर रही मानसून ट्रफ और दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में बना चक्रवाती घेरा बारिश को सक्रिय बनाए हुए है।इन सिस्टम के कारण प्रदेश में आने वाले दिनों में भी कई स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।