कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को औपचारिक रूप देने की तैयारी पूरी हो चुकी है। 9 मई को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी अब इसी सप्ताह विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। 18वीं राज्य विधानसभा का विशेष सत्र आगामी बुधवार और गुरुवार को आयोजित किया जाएगा।
दो दिनों का विस्तृत कार्यक्रम
विधानसभा द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह दो चरणों में संपन्न होगा:
पहला दिन (13 मई, बुधवार): सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और उनके कैबिनेट मंत्री शपथ लेंगे। इसी दौरान उत्तर बंगाल के जिलों (कूचबिहार से मुर्शिदाबाद तक) के विधायक शपथ लेंगे। दोपहर 2:00 बजे के बाद नदिया और उत्तर व दक्षिण 24 परगना के विधायकों की बारी आएगी।
दूसरा दिन (14 मई, गुरुवार): सुबह के सत्र में कोलकाता, हावड़ा, हुगली, पूर्व मेदिनीपुर और झाड़ग्राम के विधायक शपथ लेंगे। दोपहर के सत्र में पश्चिम मेदिनीपुर, पुरुलिया, बांकुरा, बर्दवान और बीरभूम के निर्वाचित सदस्य शपथ ग्रहण करेंगे।
नंदीग्राम या भवानीपुर? सस्पेंस बरकरार
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। नियमों के मुताबिक उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। उम्मीद की जा रही है कि शपथ ग्रहण के दिन वे आधिकारिक तौर पर यह घोषणा कर देंगे कि वे किस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व जारी रखेंगे।
सुरक्षा और प्रवेश के कड़े नियम
विधानसभा परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अधिसूचना के मुताबिक, शपथ ग्रहण के समय प्रत्येक विधायक के साथ केवल दो मेहमानों को ही सदन के अंदर जाने की अनुमति होगी। जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी नवनिर्वाचित विधायकों के लिए अस्थायी 'मेंबर आईडी कार्ड' और उनके साथियों के लिए 'गेस्ट पास' तैयार रखें ताकि प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।