बिराटी: कौशिकी अमावस्या के पावन अवसर पर पश्चिम बंगाल के बिराटी स्थित गौरीपुर काली मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। बारिश के बीच भी भक्त छाता लेकर मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे। दूर-दराज के इलाकों से आए श्रद्धालुओं में मां काली के प्रति गहरी आस्था और भक्ति नजर आई।
बारिश भी नहीं रोक सकी भक्तों की आस्था
कौशिकी अमावस्या को हिंदू धर्म में विशेष आध्यात्मिक महत्व वाला दिन माना जाता है। इसी पावन तिथि पर गौरीपुर काली मंदिर में सुबह से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। मौसम खराब होने और बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। कई भक्त छाता लेकर मंदिर पहुंचे और मां के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
मनोकामना लेकर मंदिर पहुंचे श्रद्धालु
मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में बुजुर्गों से लेकर युवा तक शामिल रहे। कोई मां का आशीर्वाद लेने पहुंचा, तो कोई अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना लेकर मां के चरणों में आया। भक्तों का विश्वास है कि कौशिकी अमावस्या की पवित्र रात सच्चे मन से मां काली की आराधना करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन की परेशानियां दूर होती हैं।
मां के दर्शन के लिए दूर-दूर से पहुंचे भक्त
गौरीपुर काली मंदिर में इस मौके पर दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। बारिश के बावजूद लोगों की लंबी कतार और मां के प्रति श्रद्धा ने इस धार्मिक आयोजन को खास बना दिया। भक्तों ने मां काली के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।