उत्तर प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मंगलवार को तेज हवाओं और बारिश ने भीषण गर्मी से परेशान लोगों को अस्थायी राहत दी। अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, अलीगढ़ और तराई क्षेत्र के अन्य जिलों में सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। आसमान में घने बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने तापमान में गिरावट ला दी। हालांकि मौसम के इस बदलाव ने राहत के साथ-साथ चिंता भी बढ़ा दी है, क्योंकि मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग ने जारी किया तेज आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट
लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। विभाग ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों में यह गति 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक जाने की आशंका है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में वज्रपात और ओलावृष्टि की आशंका जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
इन जिलों में ओलावृष्टि और वज्रपात का ज्यादा खतरा
मौसम विभाग के अनुसार श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं जैसे जिलों में ओलावृष्टि की आशंका अधिक बनी हुई है। इसके अलावा सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा और औरैया सहित कई जिलों में तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने कहा है कि अगले कुछ घंटों में मौसम तेजी से बदल सकता है और लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
मुरादाबाद में दिन में छाया अंधेरा, थम गया यातायात
मुरादाबाद और आसपास के जिलों में मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। मंगलवार सुबह घने काले बादलों ने पूरे इलाके को ढक लिया, जिससे दिन में ही अंधेरे जैसी स्थिति बन गई। तेज हवाओं, गरज-चमक और लगातार बारिश के कारण कुछ समय के लिए सड़क यातायात लगभग ठप हो गया। दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई लोग जहां थे वहीं रुकने को मजबूर हो गए। मौसम विभाग के अनुसार पछुआ हवाओं के ट्रफ और ऊपरी हवाओं के चक्रवाती प्रभाव के कारण यह स्थिति बनी है। हालांकि लोगों को भीषण गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन तेज अंधड़ ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
किसानों के लिए बढ़ी चिंता, फसलों को नुकसान की आशंका
कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं और ओलावृष्टि का असर खेतों में खड़ी फसलों पर पड़ सकता है। विशेष रूप से गन्ना, मक्का, उड़द, मूंग, मूंगफली और सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। कई इलाकों में तेज हवा के कारण फसल गिरने और जलभराव की स्थिति बनने का खतरा भी बढ़ गया है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें और जरूरत पड़ने पर फसलों को सहारा दें ताकि नुकसान कम किया जा सके।
लोगों को घरों में रहने की सलाह, बिजली उपकरणों से भी सावधानी जरूरी
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि तेज आंधी और वज्रपात के समय पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और बिजली उपकरणों को अनप्लग रखें। इसके अलावा कच्चे मकानों और कमजोर संरचनाओं में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि तेज हवाओं के कारण बिजली व्यवस्था और यातायात प्रभावित हो सकता है, इसलिए अगले 24 घंटे तक लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखनी चाहिए।