कोलकाता: पश्चिम बंगाल के नदिया जिले से महिला उत्पीड़न का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। शांतिपुर इलाके में एक विवाहिता पर कथित रूप से तेजाब फेंकने का आरोप उसके पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर लगा है। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने और लगातार दो बेटियों के जन्म के बाद महिला को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था।
शादी के बाद बढ़ने लगी प्रताड़ना
पीड़िता के परिजनों का कहना है कि करीब चार वर्ष पहले उनकी बेटी की शादी गायेशपुर निवासी एक युवक से हुई थी। शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य था, लेकिन बाद में ससुराल पक्ष ने कथित रूप से पैसों की मांग शुरू कर दी। आर्थिक तंगी के कारण परिवार यह मांग पूरी नहीं कर सका, जिसके बाद विवाहिता पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ता गया।
दो बेटियों के जन्म के बाद और बिगड़े हालात
परिवार का आरोप है कि महिला ने लगातार दो बेटियों को जन्म दिया, जिसके बाद ससुराल पक्ष का व्यवहार और अधिक कठोर हो गया। उसे बार-बार अपमानित किया जाता था और घर में प्रताड़ना का सामना करना पड़ता था।
पंचायत स्तर पर भी नहीं निकला समाधान
पीड़िता के पिता का दावा है कि उन्होंने कई बार स्थानीय स्तर पर मामले को सुलझाने का प्रयास किया। पंचायत और सामाजिक लोगों की मदद भी ली गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में एक स्थानीय पंचायत सदस्य और तृणमूल कांग्रेस से जुड़े नेता का प्रभाव होने के कारण शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
विरोध करने पर तेजाब फेंकने का आरोप
परिजनों के अनुसार, हाल ही में हुए विवाद के दौरान महिला के साथ मारपीट की गई। जब उसने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया गया। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद पीड़िता के परिवार ने पति, सास, ससुर और एक पंचायत सदस्य समेत चार लोगों के खिलाफ शांतिपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।