सिलीगुड़ी: शनिवार को सिलीगुड़ी से सटे सालुगाड़ा के एक होटल में पहाड़ की स्थायी राजनीतिक समस्या के समाधान को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, दार्जिलिंग सांसद राजू बिष्टा, राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला समेत पहाड़ के कई विधायक और गोरखा समाज के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में ये नेता रहे मौजूद
बैठक में विधायक सोनम लामा, भरत छेत्री, आनंदमय बर्मन और नोमान राय के अलावा विमल गुरुंग, मन घीसिंग, CPRM के जेबी राय, दावा पकिन, नीरज जिम्बा, रोशन गिरी और बीजेपी जिला अध्यक्ष संजीव लामा भी शामिल हुए। बैठक का मुख्य फोकस पहाड़, तराई और डुआर्स की लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक समस्याओं का स्थायी समाधान तलाशना रहा।
राजू बिष्टा ने बताया ऐतिहासिक दिन
बैठक के बाद दार्जिलिंग सांसद राजू बिष्टा ने शनिवार के दिन को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि 1988 में इसी दिन गोरखा समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। बिष्टा ने CPI(M) और पिछले 15 वर्षों की तृणमूल सरकार पर पहाड़, तराई और डुआर्स के लोगों के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
40 साल के संघर्ष का किया जिक्र
राजू बिष्टा ने दावा किया कि करीब 40 वर्षों के आंदोलन के दौरान 2,000 से ज्यादा लोगों की जान गई, महिलाओं के साथ अत्याचार हुआ और 5,000 से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हुए। उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार के कार्यकाल में पहाड़ के लोगों को न्याय मिलने की उम्मीद है।
पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में बनेगी कमेटी
राजू बिष्टा ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से नियुक्त मध्यस्थ पंकज कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष इंटरलोक्यूटर कमेटी गठित की जाएगी। यह समिति सभी पक्षों से चर्चा और विभिन्न पहलुओं की समीक्षा के बाद समझौते के अंतिम ड्राफ्ट को तैयार करेगी।
संवैधानिक दायरे में होगा समाधान
बिष्टा ने कहा कि पहाड़ की समस्या का जो भी समाधान निकलेगा, वह भारतीय संविधान के दायरे में होगा। उन्होंने संकेत दिया कि प्रस्तावित समाधान गोरखा समाज की अपेक्षाओं से भी बड़ा हो सकता है।
रोशन गिरी ने बताई बैठक की अहम बात
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के महासचिव रोशन गिरी ने कहा कि बैठक में पहाड़, तराई और डुआर्स की समस्याओं के समाधान को लेकर स्पष्ट संदेश दिया गया है। उन्होंने बताया कि समाधान पूरी तरह संवैधानिक होगा, लेकिन इसके वास्तविक स्वरूप का खुलासा अभी नहीं किया गया है।
संतुष्टि के सवाल पर रोशन गिरी ने साधी चुप्पी
बैठक के बाद पत्रकारों ने जब रोशन गिरी से पूछा कि क्या वे इस प्रक्रिया से संतुष्ट हैं, तो उन्होंने सीधे जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने केवल इंटरलोक्यूटर कमेटी की भूमिका और आगे की प्रक्रिया पर बात की।
हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया सकारात्मक शुरुआत
राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने बैठक को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री का सिलीगुड़ी आकर पहाड़ के प्रतिनिधियों और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ बैठक करना महत्वपूर्ण कदम है। उनके मुताबिक, गोरखालैंड मुद्दे के समाधान की दिशा में यह एक नई शुरुआत है।
फिलहाल समयसीमा तय नहीं
हर्षवर्धन श्रृंगला ने साफ किया कि यह प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है। इसलिए फिलहाल समाधान की कोई निश्चित समयसीमा बताना संभव नहीं है। अब सबकी नजर पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी की आगे की कार्रवाई और केंद्र सरकार को सौंपे जाने वाले अंतिम प्रस्ताव पर रहेगी।