ऋषड़ा: विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में नेताओं पर अंडे फेंकने, 'अंडा थेरेपी' और सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनने जैसी घटनाएं लगातार चर्चा में बनी हुई हैं। अभिषेक बनर्जी, कुणाल घोष और उदयन गुहा सहित तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं पर इस तरह की घटनाएं देखने को मिल रही हैं, जिससे माहौल में हल्की असहजता भी बनी हुई है।
अंडे की बढ़ती मांग और कीमतों में इजाफा
अचानक अंडे की मांग बढ़ने से बाजार में इसकी कीमतों में भी उछाल देखा जा रहा है। अब अंडे केवल खाने की वस्तु नहीं रह गए हैं, बल्कि विभिन्न चर्चाओं और घटनाओं के कारण इनकी मांग और उपयोग दोनों में बदलाव देखा जा रहा है।
मिठाई की दुकानों में भी पहुंचे ‘अंडे’
इस बार जमाई षष्ठी के मौके पर ऋषड़ा के प्रसिद्ध मिठाई व्यवसायी फेलु मोदक की दुकान में एक अनोखा प्रयोग देखने को मिल रहा है। यहां पारंपरिक मिठाइयों के साथ इस बार ‘अंडा संदेश’ को खास आकर्षण के रूप में पेश किया गया है, जो ग्राहकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
‘अंडा संदेश’ बना बाजार का हिट आइटम
यह मिठाई देखने में पूरी तरह अंडे जैसी लगती है, जिसमें ऊपर पीले कुसुम (योल्क) जैसी परत और अंदर आम व खीर से बनी स्वादिष्ट भरावन है। पहली नजर में इसे असली अंडा समझ पाना मुश्किल है, लेकिन स्वाद के मामले में यह ग्राहकों को खूब पसंद आ रहा है और बाजार में तेजी से बिक रहा है।
व्यापारी ने दिया स्पष्ट संदेश
फेलु मोदक के मालिक अमिताभ दे ने स्पष्ट किया कि इस मिठाई का राजनीति या किसी प्रकार की अंडा थैरेपी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि यह केवल जमाई षष्ठी के लिए एक विशेष मिठाई है और इसका उद्देश्य लोगों को स्वादिष्ट अनुभव देना है, न कि किसी तरह के उपयोग या विवाद से जोड़ना।