आसनसोल: पश्चिम बंगाल के आसनसोल-दुर्गापुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस कमिश्नरेट की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान भारी मात्रा में नशीले पदार्थों के साथ अवैध हथियार, कारतूस, सोने के आभूषण और नकदी भी बरामद की गई है। पुलिस ने नशे के कारोबार से जुड़े आर्थिक नेटवर्क पर भी शिकंजा कसते हुए आरोपियों के 8 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। इन खातों में करीब 31 लाख रुपये जमा थे। पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल नशे के कारोबारियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि इस अवैध धंधे से जुड़े पूरे नेटवर्क को खत्म करना है।
14 आरोपियों की गिरफ्तारी, 12 मामले दर्ज
आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए कमर कस ली है। इसके तहत कमिश्नरेट के सभी थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस संबंध में कुल 12 मामले दर्ज किए गए हैं। अभियान के दौरान अलग-अलग जगहों से नशीले पदार्थों की बरामदगी हुई है। इसके अलावा हथियार, जिंदा और खाली कारतूस, सोने के आभूषण और नकदी भी जब्त की गई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नशे के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
285 बोतल फेंटानिल और 2.40 लाख अल्प्राजोलम टैबलेट जब्त
पुलिस की कार्रवाई के दौरान एनटीएस थाना क्षेत्र में दर्ज एक महत्वपूर्ण मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से फेंटानिल की 285 बोतलें बरामद की गई हैं। इसके साथ ही अल्प्राजोलम की करीब 2.40 लाख टैबलेट भी जब्त की गई हैं। इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की बरामदगी को पुलिस इस अभियान की महत्वपूर्ण सफलता मान रही है। अधिकारियों के मुताबिक, नशीले पदार्थों की सप्लाई और उनके वितरण से जुड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन नशीले पदार्थों की सप्लाई कहां से की जा रही थी और इन्हें किन इलाकों में पहुंचाया जाना था। मामले में आगे की जांच जारी है।
27.5 किलो गांजा के साथ दो आरोपी गिरफ्तार
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में भी बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को चलाए गए विशेष अभियान में ओडिशा से गांजा लेकर आ रहे दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से कुल 27.5 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गांजे की खेप कहां से लाई जा रही थी और इसे किसे सौंपा जाना था। शुरुआती कार्रवाई के बाद पुलिस तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सप्लाई चेन तक पहुंचना जरूरी है। इसी उद्देश्य से अलग-अलग थाना क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
ब्राउन शुगर सप्लायर अरशद हाशमी उर्फ पिंटू गिरफ्तार
पुलिस उपायुक्त सना अख्तर के मुताबिक, 19 अक्टूबर को चलाए गए एक विशेष अभियान में ब्राउन शुगर के कथित सप्लायर अरशद हाशमी उर्फ पिंटू को उसके एक सहयोगी के साथ गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 300 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की थी। इसके अलावा तीन आग्नेयास्त्र, दो खाली कारतूस और 46 जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए थे। तलाशी के दौरान सोने के कुछ आभूषण और 5.35 लाख रुपये नकद भी मिले थे। इस बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में थे और नशे की सप्लाई का नेटवर्क कितने क्षेत्रों तक फैला हुआ था।
8 बैंक खाते फ्रीज, 31 लाख रुपये की रकम पर कार्रवाई
नशे के अवैध कारोबार को खत्म करने के लिए पुलिस अब आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों पर भी नजर रख रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े आठ बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। इन खातों में करीब 31 लाख रुपये जमा होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि इन खातों का इस्तेमाल नशीले पदार्थों के कारोबार से अर्जित रकम के लेनदेन में किया जा रहा था। बैंक खातों को फ्रीज करने का उद्देश्य अवैध कारोबार से कमाए गए पैसों के इस्तेमाल और हस्तांतरण पर रोक लगाना है। पुलिस अब इन खातों में हुए लेनदेन और पैसों के स्रोत की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ना इस अभियान का अहम हिस्सा है।
सना अख्तर बोलीं- सिर्फ पुलिस की कार्रवाई से खत्म नहीं होगा नशा
गुरुवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट की पुलिस उपायुक्त सना अख्तर ने अभियान से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन केवल पुलिस की कार्रवाई से इस समस्या को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता। इसके लिए आम लोगों, सामाजिक संगठनों और संबंधित सरकारी विभागों का सहयोग भी बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि पुलिस कमिश्नरेट के सभी थानों की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों और इसके सामाजिक प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। पुलिस का प्रयास है कि लोग भी इस अभियान से जुड़ें और नशे के खिलाफ सामूहिक रूप से आवाज उठाएं।
नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की तैयारी
पुलिस कमिश्नरेट अब जिला स्तर पर विभिन्न विभागों और सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय बनाकर अभियान को और प्रभावी बनाने में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए केवल आरोपियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क की पहचान करना जरूरी है। इसके लिए पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही नशे की सप्लाई, वितरण और अवैध कमाई के रास्तों की जांच की जा रही है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और इस धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।