सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। खारसांग महकमा की बालासन (दूधिया) नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। शुक्रवार तड़के नदी के तेज बहाव में दूधिया स्थित अस्थायी ह्यूम पाइप पुल बह गया, जिससे मिरिक-सिलीगुड़ी सड़क मार्ग का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।
रातभर की बारिश बनी आफत
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गुरुवार रात से जारी मूसलाधार बारिश के कारण बालासन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदी का प्रवाह इतना तेज हो गया कि शुक्रवार सुबह दूधिया क्षेत्र में बनाया गया अस्थायी ह्यूम पाइप पुल बह गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग-110 के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे आवागमन और अधिक प्रभावित हुआ है।
पहले भी क्षतिग्रस्त हो चुका है मुख्य पुल
गौरतलब है कि अक्टूबर 2025 में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान दूधिया का मुख्य लोहे का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए बालासन नदी के किनारे अस्थायी ह्यूम पाइप पुल का निर्माण किया गया था। पिछले कई महीनों से इसी पुल के माध्यम से मिरिक और सिलीगुड़ी के बीच वाहनों की आवाजाही हो रही थी।
निर्माणाधीन नए पुल को भी नुकसान
जानकारी के अनुसार, भारी बारिश और नदी के तेज बहाव के कारण निर्माणाधीन नए लोहे के पुल के कुछ पिलरों को भी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खारसांग और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश होते ही बालासन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है, जिससे हर वर्ष ऐसी समस्याएं सामने आती हैं।
प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम मौके पर
घटना के बाद जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। प्रशासन का कहना है कि भूस्खलन हटाने और सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू किया जा रहा है, लेकिन यातायात सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है।
स्थायी समाधान की उठी मांग
स्थानीय निवासियों ने इस घटना के बाद सरकार से जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि अस्थायी व्यवस्था हर बार प्राकृतिक आपदा के सामने टिक नहीं पाती। लोगों ने दूधिया क्षेत्र में शीघ्र एक बेली ब्रिज के निर्माण की मांग करते हुए कहा कि इससे भविष्य में बार-बार संपर्क टूटने की समस्या से राहत मिल सकेगी।
जून में मंत्री ने किया था निरीक्षण
उल्लेखनीय है कि इसी महीने राज्य की नगर विकास एवं शहरी मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने दूधिया क्षेत्र का दौरा कर निर्माणाधीन पुल के कार्यों का निरीक्षण किया था। उन्होंने संबंधित इंजीनियरों के साथ समीक्षा बैठक कर परियोजना की प्रगति का जायजा भी लिया था। हालांकि, भारी बारिश के बीच सामने आई इस नई चुनौती ने क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ा दी है।