कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता पुलिस में नवनियुक्त अधिकारियों और जवानों को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को याद दिलाया कि वर्दी केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि देश और समाज की सेवा करने का संकल्प है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और समर्पण के साथ करना चाहिए।
यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब राज्य सरकार पुलिस बल को मजबूत करने और लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है।
309 नए पुलिसकर्मियों की नियुक्ति से कोलकाता पुलिस को मजबूती
7 नवंबर को कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार में नए पुलिस अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कोलकाता पुलिस में 309 नए कर्मियों को शामिल किया जा रहा है। इनमें सब-इंस्पेक्टर (पुरुष एवं महिला), ट्रैफिक सार्जेंट और आर्म्ड पुलिस के सब-इंस्पेक्टर के पद शामिल हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि नए कर्मियों की नियुक्ति से पुलिस थानों में कर्मचारियों की कमी दूर करने, यातायात व्यवस्था संभालने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।
पुलिस सेवा में राष्ट्रहित और जनता की सुरक्षा सर्वोपरि
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों की भूमिका को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। पश्चिम बंगाल जैसे बड़े और भौगोलिक रूप से विविध राज्य में पुलिस के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं। बांग्लादेश के साथ लगभग 2,200 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा, कोलकाता और सिलीगुड़ी जैसे महत्वपूर्ण शहरों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए बड़ी जिम्मेदारी है।
सरकार की प्राथमिकताओं में पुलिस व्यवस्था का आधुनिकीकरण, बेहतर प्रशिक्षण और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करना भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने 112 आपातकालीन सेवा की प्रतिक्रिया अवधि को लगभग छह मिनट तक लाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए अतिरिक्त वाहनों और जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है।
पुलिस बल में भर्ती और सुधार पर सरकार का जोर
सुवेंदु अधिकारी सरकार लगातार पुलिस विभाग में रिक्त पदों को भरने की बात कह रही है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2026 तक कोलकाता पुलिस में 4,000 कर्मियों की भर्ती पूरी करने की घोषणा की थी। इसके अलावा पुलिस भर्ती बोर्ड के माध्यम से 9,000 नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की योजना भी सामने रखी गई थी।
मुख्यमंत्री का कहना है कि पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नियमित भर्ती के साथ-साथ प्रशिक्षण और कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा पर भी ध्यान देना जरूरी है। नए पुलिसकर्मियों की नियुक्ति को इसी व्यापक सुधार अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
महिलाओं की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों को महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया है। साथ ही राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस को जरूरी कदम उठाने की छूट देने की बात कही है। उनका जोर है कि पुलिस जनता के बीच भरोसा कायम करे और अपराध के मामलों में बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई करे।