जलपाईगुड़ी: पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के धूपगुड़ी ब्लॉक में आवास योजना को लेकर कथित कटमनी वसूली का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्राम प्रधान सेनाबाला राय के पति और तृणमूल नेता बीरेंद्र राय तथा उनके करीबी सहयोगी व सुपरवाइजर साधन राय पर ग्रामीणों से जबरन पैसे लेने का आरोप लगा है। आरोप है कि आवास योजना के तहत घर दिलाने और दूसरी किस्त जारी कराने के नाम पर लाभार्थियों से 7 हजार से 12 हजार रुपये तक वसूले गए।
घर दिलाने के नाम पर वसूली का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि बीरेंद्र राय और साधन राय ने लोगों को डराकर और दबाव बनाकर पैसे वसूले। कई लोगों से कहा गया कि यदि कटमनी नहीं दी गई तो उन्हें आवास योजना का लाभ नहीं मिलेगा या दूसरी किस्त रोक दी जाएगी। आरोप है कि यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा था।
पुलिस में शिकायत, लेकिन कार्रवाई नहीं
मामले को लेकर 7 जून को डाउकीमारी आउटपोस्ट में ग्रामीणों ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पुलिस ने जांच का आश्वासन तो दिया, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे नाराज ग्रामीणों ने अपने पैसे वापस दिलाने की मांग को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी संपर्क किया।
नई सरकार से बढ़ी उम्मीद
ग्रामीणों का कहना है कि राज्य में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई भाजपा सरकार बनने के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है। इसी भरोसे के साथ अब लोग खुलकर सामने आ रहे हैं और अपने साथ हुए कथित अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
कानूनी रास्ते पर चलने का फैसला
झाड़ आलता-2 ग्राम पंचायत क्षेत्र के करीब 50 ग्रामीणों ने बैठक कर फैसला लिया है कि वे किसी भी नेता के घर का घेराव नहीं करेंगे, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के जरिए न्याय की मांग करेंगे। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने एकजुट होकर प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आरोपी गांव छोड़ने का दावा
ग्रामीणों का दावा है कि आरोप सामने आने के बाद बीरेंद्र राय और साधन राय गांव में दिखाई नहीं दे रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में दोनों पक्षों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
तृणमूल नेतृत्व ने साधी चुप्पी
धूपगुड़ी ग्रामीण ब्लॉक तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष मलय राय से इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, वही इस विषय पर जवाब देंगे।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
ग्रामीणों की शिकायत और बढ़ते दबाव के बीच अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। सवाल यह है कि क्या शिकायतकर्ताओं को उनका पैसा वापस मिलेगा और क्या आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। धूपगुड़ी का यह मामला अब इलाके में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।