कोलकाता: पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर में पूर्व एसडीपीओ मिथुन कुमार डे के खिलाफ दो अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज होने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। दोनों मामलों में शिकायतकर्ताओं ने अवैध हिरासत, शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना, धमकी तथा अधिकारों के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
डिजिटल मीडिया कर्मी ने लगाया 10 दिन तक अवैध हिरासत का आरोप
डायमंड हार्बर थाना में दर्ज केस नंबर 244/26 के अनुसार, मातृभूमि चैनल (डिजिटल मीडिया) से जुड़े अली अकबर लस्कर ने आरोप लगाया है कि अप्रैल 2024 में उन्हें बिना किसी कारण बताए घर से उठाकर पुलिस स्टेशन ले जाया गया था। शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्हें लगभग 10 दिनों तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और इस दौरान शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
परिवार से 6 लाख रुपये लेने का भी आरोप
अली अकबर लस्कर ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि उनकी रिहाई के लिए परिवार को करीब 6 लाख रुपये की व्यवस्था करनी पड़ी। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने तथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी गई थीं, जिसके कारण वह लंबे समय तक शिकायत दर्ज नहीं करा सके।
नगर पार्षद ने भी दर्ज कराई अलग शिकायत
दूसरे मामले (केस नंबर 245/26) में डायमंड हार्बर नगरपालिका के वार्ड नंबर 7 के पार्षद तमाल हलदर ने पूर्व एसडीपीओ मिथुन कुमार डे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि भूमि विवाद के मामले में पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष सहायता देने के बजाय उन्हें परेशान किया और उनके वैध निर्माण कार्य में बाधा पहुंचाई।
थाने ले जाकर धमकाने और दबाव बनाने का आरोप
तमाल हलदर का दावा है कि 10 फरवरी 2023 को विवादित भूमि पर पुलिस पहुंची और उन्हें निर्माण कार्य रोकने के लिए कहा गया। शिकायत के अनुसार, बाद में उन्हें थाने ले जाया गया, जहां धमकी दी गई और भूमि विवाद को लेकर दबाव बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों पर उचित विचार नहीं किया गया।
जांच जारी, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं
दोनों मामलों में फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। केस नंबर 244/26 की जांच एसआई एसके कबीर कर रहे हैं, जबकि केस नंबर 245/26 की जांच एसआई अमिया गाइन को सौंपी गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है।